नई दिल्ली. अजित डोभाल जिनसे देश के दुश्मन कांपते हैं और जिन्होंने इंटेलिजेंस ब्यूरो में काम करने के दौरान अंडरवर्ल्ड डॉन और ‘डी कंपनी’ के सरगना दाऊद इब्राहिम के नेटवर्क को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया, उन्हीं अजित डोभाल का नाम डी कंपनी से जोड़ने की साजिश रची जा रही है. राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल को उनकी बहादुरी के लिए कीर्ति चक्र मिल चुका है. उनके बारे में ये कहा जाता है कि उन्होंने पाकिस्तान में एक कोवर्ट ऑपरेशन में अपनी जान की बाजी लगा दी थी और वो कई दिन तक पाकिस्तान में सबसे सीक्रेट मिशन में लगे रहे. उनके साथी इस बात से परेशान थे कि डोभाल कहीं देश के दुश्मनों के कब्जे में तो नहीं आ गए. डोभाल को पीओके में हुई सर्जिकल स्ट्राइक का मास्टरमाइंड कहा जाता है. आज हम ये सब बातें इसलिए आपको बता रहे हैं क्योंकि अजित डोभाल और उनके परिवार को कुछ लोग गद्दार बनाने की साजिश रच रहे हैं.

‘द कारवां’ नाम की एक वेब मैग्जीन ने अजित डोभाल और उनके परिवार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल के बेटे विवेक डोभाल केमैन आइलैंड में हेज फंड चलाते हैं. केमैन आइलैंड टैक्स हेवन के रूप में जाना जाता है. यह हेज फंड 2016 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नोटबंदी की घोषणा के महज 13 दिन बाद पंजीकृत किया गया था. विवेक का यह व्यवसाय उनके भाई शौर्य डोभाल के व्यवसाय से जुड़ा है. शौर्य भारतीय जनता पार्टी के नेता हैं और मोदी सरकार के करीब माने जाने वाले थिंक टैंक इंडिया फाउंडेशन के प्रमुख हैं. जैसे ही अजित डोभाल और उनके परिवार को भ्रष्टाचार के आरोप में धकेलने की कोशिश हुई, कांग्रेस पार्टी ने भी बिना देरी किए एक झटके में अजित डोभाल के परिवार पर आऱोप लगाते हुए कहा कि कि 2016 में नोटबंदी लागू होने के बाद अजीत डोभाल के बेटे ने टैक्स हैवन माने जाने वाले केमैन आइलैंड स्थित हेजफंड कंपनी में निवेश किया. कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने विवेक डोभाल की इस कंपनी के जरिए पैसे के हेर-फेर होने का संदेह जताया है. ऐसे में अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल ने कारवां मैगज़ीन, कारवां के लेखक कौशल श्रॉफ और कांग्रेस नेता जयराम रमेश के खिलाफ क्रिमनल डिफेमेशन केस दायर किया. अजीत डोभाल और उनके परिवार पर लगे आरोप के बाद हमने ये फैसला किया कि हम विवेक डोभाल से मिलकर उन पर लगे आरोपों की सच्चाई पता करेंगे. आइए हम आपको बताते हैं कि अजीत डोभाल के बेटे विवेक डोभाल और अजीत डोभाल पर क्या-क्या आरोप लगाए गए हैं और इस मामले में विवेक डोभाल का क्या कहना है.

पहला आरोप- आरोप ये लगाया गया है कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने 8 नवंबर 2016 को नोटबंदी का फैसला किया तो उसके ठीक 13 दिन बाद आपने GYN ASIA नाम की एक कंपनी बनाई जिसका मकसद देश के बाहर पैसे भेजने और लाने के लिए किया गया था.

विवेक डोभाल का जवाब- GYN ASIA की शुरुआत अक्टूबर 2013 में की गई थी. उस समय इस कंपनी का नाम VIVAM HOLD CO LTD. था. इस कंपनी के लिए फंड इकट्ठा करने की शुरुआत नवंबर 2015 में की गई औऱ भारत में इसका रजिस्ट्रेशन अगस्त 2016 में हुआ, तो इसका मतलब क्या हमें अक्टूबर 2013 से ही मालूम था कि नवंबर 2016 में भारत सरकार नोटबंदी करने वाली है. ऐसे आरोप बेबुनियाद हैं और हम सभी सबूतों को जरूरत पड़ने पर कोर्ट में रखेंगे.

दूसरा आरोप- आप पर ये आरोप लगाया गया है कि GYN ASIA के संबंध आपके बड़े भाई शौर्य डोभाल से हैं और साथ ही सऊदी अरब के शाही घराने से भी GYN ASIA कंपनी के नाम जुड़े हैं.

जवाब- मेरे भाई शौर्य डोभाल से हमारे कोई बिजनेस संबध नहीं हैं. GYN ASIA के लिए हमारे पास संसाधन बहुत ही सीमित थे इसलिए मैंने अपने भाई शौर्य डोभाल से उनकी कंपनी ZEUS से ऑफिस के लिए जगह मांगी थी और साथ ही उनके ऑफिस में काम करने वाले अकुल जझारिया और प्रियंका दुआ की मदद ली थी. इसके बदले हमारी कंपनी GYN ASIA हर महीने 1,60,000 प्रति महीने सैलरी देती थी. हमारी कंपनी के सऊदी अरब के शाही घराने से कोई संबध नहीं हैं. मेरी कंपनी से जुड़े 6 इंवस्टेर (निवेशक) में से कोई भी सऊदी का नहीं है और अगर कोई होता भी तो उसमें गलत क्या है? क्या सउदी से हमारे अच्छे संबध नहीं हैं, क्या सऊदी में लाखों भारतीय नौकरी नहीं कर रहे.

तीसरा आरोप- अजीत डोभाल ने साल 2011 में काले धन पर एक रिपोर्ट तैयार की थी जिसमें उन्होंने ये कहा था कि केमैन आईलैंड को टैक्स हैवन कहा जाता है, लेकिन इसके बावजूद विवेक डोभाल ने कैमेन से हेज फंड का बिजनेस किया.

जवाब- मेरे पिता अजीत डोभाल ने पूरी दुनिया में उन देशों की पहचान की थी, जिन्हें टैक्स हैवन कहा जाता है. मेरे पिता की रिपोर्ट में ब्लैक मनी वाले देशों में कैमेन आईलैंड का भी जिक्र आया था, लेकिन हमारा बिजनेस कोई ब्लैक मनी से नहीं जुड़ा है. ये लीगल बिजनेस है. आप संतरे औऱ सेब की तुलना एक जैसे नहीं कर सकते.

चौथा आरोप- केमैन आईलैंड से 2017 से भारत में कुल आठ हजार तीन सौ करोड़ रुपए का निवेश एफडीआई में हुआ है क्या ये पैसे GYN ASIA से आए हैं?

जवाब- GYN ASIA फंड की शुरुआत 77 करोड़ रुपए से हुई थी, जिसमें से कुल 15 करोड़ रुपए का निवेश भारत में किया गया था. लेकिन बाद में हमारा एफपीआई लाइसेंस रद्द हो गया क्योंकि सेबी के नियमों के मुताबिक एफपीआई लाइसेंस के लिए कम से कम 25 इंवेस्टर होने जरूरी हैं. ऐसे में हमारा इंडिया ऑपरेशन अगस्त 2017 से बंद हो गया और अमेरिका औऱ चीन के बीच साल 2018 में शुरू हुए ट्रेड वार की वजह से हमारा काफी वित्तीय नुकसान हुआ. ऐसे में जो आरोप कांग्रेस ने हमारे परिवार पर लगाए हैं वो गलत हैं.

पांचवां आरोप- अजीत डोभाल के परिवार को डी कंपनी कहा गया इस बारे में आप क्या कहेंगे. आप को दुख नहीं होता कि इन सब में आपके पिता अजीत डोभाल का नाम घसीटा गया.

जवाब- डी कंपनी को दाऊद कंपनी कहा जाता है. मेरे पिता ने पूरी जिंदगी को खतरे में डालते हुए हमेशा देश के दुश्मनों से लड़ाई की. और किसी ने दो मिनट के अंदर ही उन पर इतने गंभीर आरोप लगा दिए. मुझे, मेरे भाई का नाम उछाल कर मेरे पिता की निगाह में हमें छोटा बनाने की कोशिश हो रही है, कोई ऐसा कैसे कर सकता है. हम इस देश में पैदा हुए हैं और इस देश के लिए मरेंगे.

छठा आरोप- आप को अगर इस देश से इतना प्यार तो ये क्यों कहा जा रहा है कि आप ब्रिटिश नागरिक बन चुके हैं.

जवाब- देखिए मेरा 19 साल का करियर है और इस दौरान मैं ज्यादातर लंदन में रहा. मुझे बिजनेस के काम से लंदन में ज्यादा रहना पड़ता है, क्योंकि इंवस्टमेंट बैंकर से लेकर फंड मैनेजर तक वहीं रहते हैं. इसलिए हमारे लिए वहां की नागरिकता जरूरी थी. लेकिन मेरे पास ओवरसीज सीटिजन ऑफ इंडिया यानि ओसीआई है. मेरे पिता अजीत डोभाल जिन्होंने पूरी जिंदगी देश के दुश्मनों से जंग की और अपनी जिंदगी खतरे में डाली, उस परिवार को दाऊद की ‘डी कंपनी’ से लिंक किया जा रहा है. हमारे परिवार को गद्दार कहा गया. जबसे ये आरोप लगे हैं मेरे पिता की आंखों में मैंने दुख देखा है.