गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के गढ़चिरौली के कसनासुर के जंगलों में चार दिनों के बाद एक अन्य महिला नक्सली का शव पाया गया है. महिला की रविवार को सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान में गोली लगने से मौत हो गई थी. इस तरह अभियान में मृत नक्सलियों की संख्या 38 पहुंच गई है. सुरक्षा अधिकारियों ने संदेह जताया है कि उसने शायद कमांडों द्वारा की गई गोलीबारी से बचने की कोशिश की हो या गोलीबारी में उसके चोटिल होने के बाद मरने से पहले साथियों ने उसे कुछ दूरी तक खींचकर ले जाने की कोशिश की हो या फिर उसके साथी उसे छोड़कर भाग गए हों.

गढ़चिरौली में रविवार शाम व सोमवार शाम को चलाए गए दोहरे अभियान में 20 महिलाएं व 18 पुरुष नक्सली मारे गए थे. गढ़चिरौली को देश में सबसे ज्यादा नक्सल प्रभावित क्षेत्र माना जाता है. प्रौद्योगिकी और गैजेट के जरिए तलाशी के प्रयास लगातार जारी हैं और इंद्रावती नदी में भी खोजी अभियान चल रहा है जहां से सोमवार-मंगलवार को 15 नक्सलियों के गोलियों से छलनी शव बरामद किए गए.

इस सफल अभियान को सुरक्षा बलों को चार दर्जन नक्सलियों की जंगल में प्रस्तावित बैठक के बारे में सटीक गुप्त सूचना के मिलने के बाद रविवार शाम को अंजाम दिया गया. सुरक्षा बल नक्सलियों के एकदम सटीक स्थान पर पहुंच गए और उन्हें निशाना बनाया.

हालांकि इस बैठक को लेकर विवादित रपटें भी आ रही हैं, जिसमें विवाह समारोह या किसी प्रमुख आक्रमण की योजना बनाने की बात शामिल है लेकिन अधिकारी इस पर चुप्पी साधे हुए हैं. यह बीते 38 सालों में सबसे बड़ा नक्सल विरोधी अभियान है.

इस अभियान में मारे गए प्रमुख नक्सली नेताओं में दक्षिण क्षेत्र के प्रमुख श्रीकांत उर्फ रवतु विजेंद्र (50), इसके अलावा अहेरी, गट्टा व परमिली दलम (नक्सलवादी लड़ाकों की इकाइयां) के कमांडर मारे गए हैं. इसमें एक महिला प्रमुख, एक उपकमांडर व विभिन्न समूहों के प्रमुख सदस्य शामिल थे.

(इनपुट: एजेंसी)