नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या रविवार को 30 हो गई. दिल्ली के स्वास्थ्य विभाग ने एक आदेश जारी कर कहा कि जो लोग निर्धारित नियमों का उल्लंघन करेंगे उन्हें दंडित किया जाएगा. दिल्ली सरकार ने पूरे महानगर में 23 मार्च से लेकर 31 मार्च की मध्य रात्रि तक लॉकडाउन लगाने की घोषणा की है. दिल्ली के 30 मामलों में छह महानगर के बाहर के हैं, दो कोलकाता और एक-एक मामला जम्मू, पंजाब, राजस्थान और आंध्रप्रदेश का है. Also Read - Lockdown in MP: मध्‍य प्रदेश में लॉकडाउन की फोटोज, आंकड़े दे रहे बड़ी चेतावनी

विभाग ने बयान जारी कर कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह से कोरोना वायरस के कुल मामलों की संख्या बढ़कर 30 हो गई है. महानगर में शनिवार की रात तक घातक बीमारी से पीड़ित लोगों की संख्या 27 थी. पूरे देश में बढ़ते कोरोना के मामलों के बीच दिल्ली सीएम अरविंद केरजरीवाल ने पूरी दिल्ली में 31 मार्च तक लॉकडाउन की घोषणा की है. दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा, “हमने कल (23 मार्च) को रात के 12 बजे से पूरी दिल्ली में लॉकडाउन का निर्णय लिया है जो 31 मार्च 2020 की आधी रात तक रहेगा.” Also Read - COVID-19 in Gujarat: सोमनाथ मंदिर में दर्शन आज से बंद, गुजरात कल आए थे 5,011 नए

दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि, “दिल्ली में बंद के दौरान, किसी व्यक्ति से कोई दस्तावेज या सबूत नहीं मांगे जाएंगे यदि वे कहते हैं कि वे किसी आवश्यक सेवा प्रदान करने या किसी जरूरी काम के लिए सड़कों पर हैं.” केजरीवाल ने कहा कि सभी प्राइवेट ऑफिस बंद रहेंगे, लेकिन स्थायी और संविदात्मक – दोनों कर्मचारियों को ऑन-ड्यूटी माना जाएगा. कंपनियों को उन्हें इस अवधि के लिए वेतन प्रदान करना होगा. Also Read - Coronavirus in Delhi: दिल्ली में कोरोना वायरस संक्रमण के 7,897 नए मामले सामने आए, 39 रोगियों की मौत

उन्होंने यह भी बताया कि दुग्ध उत्पाद की दुकानें, किराना दुकानें, दवा की दुकानें और पेट्रोल पंप खुले रहेंगे, वहीं जरूरी सेवाओं से जुड़े सभी लोगों को इस दौरान आवागमन की अनुमति दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘हमें पता है कि लोगों को कठिनाइयां आएंगी लेकिन कोरोना वायरस को फैलने से रोकने के लिए लॉकडाउन जरूरी है.’’ उन्होंने यह भी बताया कि दिल्ली में कोविड-19 के कुल मामलों में से छह स्थानीय स्तर पर संक्रमण के हैं.