नई दिल्ली: कर्नाटक में कांग्रेस और जेडीएस की गठबंधन सरकार के पहले मंत्रिमंडल विस्तार से कुछ घंटे पहले राहुल गांधी बुधवार सुबह अपनी पार्टी के कोटे से मंत्री बनने वाले नेताओं और उनके विभागों से संबंधित सूची को मंजूरी देंगे. राहुल के साथ कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद राज्य के उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर ने कहा कि कर्नाटक में सम्भावित मंत्रियों के नामों एवं विभागों पर कांग्रेस अध्यक्ष के साथ चर्चा हुई . बुधवार सुबह वह इस पर अंतिम सहमति देंगे. इस मंत्रिमंडल विस्तार में 20 से अधिक मंत्रियों के शपथ लेने की संभावना है. बताया जा रहा है कि दोपहर 2 बजे के बाद मंत्रियों को शपथ दिलाई जाएगी

इन नेताओं के साथ राहुल ने की चर्चा
पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से मुलाकात की और बुधवार को पार्टी के कोटे से शपथ लेने वाले नेताओं और उनको दिए जाने वाले विभागों की सूची प्रदान की.पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया, पार्टी के राज्य प्रभारी केसी वेणुगोपाल, उप-मुख्यमंत्री जी परमेश्वर, कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार और दिनेश गुंडुराव ने मंगलवार शाम गांधी से मुलाकात की. सूत्रों का कहना है कि एक घंटे से अधिक समय तक चली इस मुलाकात के दौरान बुधवार को होने वाले मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर मुख्य रूप से चर्चा की गई.

बीएसपी को भी मंत्रिमंडल में जगह
दोनों पार्टियों के बीच हुए समझौते के अनुसार कांग्रेस कोटे से 22 और जेडीएस कोटे से मुख्यमंत्री सहित 12 मंत्री होंगे. सूत्रों का कहना है कि बुधवार को कांग्रेस कोटे से करीब 12 और जेडीएस कोटे से आठ मंत्री शामिल किए जा सकते हैं. जेडीएस महासचिव कुंवर दानिश अली ने बताया, ‘ बसपा के एकमात्र विधायक एन महेश भी शपथ लेंगे. हम गठबंधन धर्म का पालन करते हुए अपने कोटे से बीएसपी विधायक को मंत्रिमंडल में जगह दे रहे हैं. उन्होंने कहा कि बुधवार के शपथ ग्रहण समारोह में बीएसपी के वरिष्ठ नेता सतीश चंद्र मिश्रा शामिल होंगे.

विभागों का हो चुका है बंटवारा
गौरतलब है कि कुमारस्वामी और परमेश्वर ने 23 मई को अपने-अपने पद की शपथ ली थी. आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक राज्यपाल वाजुभाई वला नए मंत्रियों को राजभवन में एक कार्यक्रम में पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे. समझौते के मुताबिक कांग्रेस को गृह , स्वास्थ्य , राजस्व और कृषि जैसे विभाग मिलेंगे. वहीं , जेडीएस को वित्त , आबकारी , पीडब्ल्यूडी आदि विभाग मिलेंगे. सूत्रों के मुताबिक दोनों पार्टियां कुछ विभागों को खाली रख सकती है. जेडीएस ने क्षेत्र के आधार पर मंत्रियों को शामिल करने का फैसला किया है.