नई दिल्ली/ओडिशा: चक्रवात फोनी प्रचंड तूफान में बदल गया है. चक्रवात फानी (Cyclone Fani) ओडिशा तट की ओर बढ़ रहा है. अधिकारियों ने बताया कि यह तूफान ‘बेहद खतरनाक चक्रवात’ का रूप ले सकता है. सरकार ने राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) और भारतीय तटरक्षक बल को हाईअलर्ट पर रखा है. तूफान तीन मई की दोपहर तक ओडिशा के तट पर पहुंच सकता है. इसकी हवाओं की अधिकतम गति 170-180 से 200 किलोमीटर प्रति घंटे तक हो सकती है.’’ इसे लेकर पीएम मोदी ने दिल्ली में हाई लेवल मीटिंग की है. उन्होंने पीएमओ, भारतीय मौसम विज्ञान, एनडीआरएफ की टीम के साथ मीटिंग कर प्रभावित होने वाले राज्यों की मदद करने के निर्देश दिए हैं.

लोगों को निकालने का देश का सबसे बड़ा अभियान

ओडिशा में बेहद गंभीर चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ के पूर्वी तट की ओर मुड़ने के कारण तटीय इलाकों के निचले क्षेत्रों से आठ लाख लोगों को निकालने के लिए बुधवार को एक व्यापक अभियान शुरू किया गया. एसआरसी के मुताबिक, आठ लाख लोगों को निकालने का काम देश में अब तक का सबसे बड़ा खाली कराने वाला अभियान है. ओडिशा के कम से कम 14 जिले – पुरी, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, बालासोर, भद्रक, गंजम, खुर्दा, जाजपुर, नयागढ़, कटक, गजपति, मयूरभंज, ढेंकानाल और क्योंझर के चक्रवात की चपेट में आने की संभावना है. साथ ही आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में चक्रवात का प्रभाव पड़ने की संभावना है.

नॉर्थ-ईस्ट से साउथ जाने वाली ट्रेनें रद्द

वहीं, चक्रवाती तूफान फेनी के मद्देनजर पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने दक्षिण भारतीय राज्यों और असम के बीच चलने वाली छह ट्रेनों को गुरुवार को रद्द कर दिया. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी. एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा के अनुसार, इन छह ट्रेनों का संचालन दो मई से सात मई के बीच रद्द कर दिया गया है. जानकारी के अनुसार सिलचर-तिरुवनंतपुरम सेंट्रल एक्सप्रेस, तिरुवनंतपुरम सेंट्रल-सिलचर एक्सप्रेस, गुवाहाटी-सिकंदराबाद एक्सप्रेस, सिकंदराबाद-गुवाहाटी एक्सप्रेस, डिब्रूगढ़-तामबरम एक्सप्रेस और तामबरम-डिब्रूगढ़ एक्सप्रेस को रद्द किया गया है. इसी बीच, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के निदेशक दिलीप साहा के अनुसार, चक्रवाती तूफान फेनी पूर्वोत्तर के भी कई राज्यों को प्रभावित करेगा. साहा ने कहा, “पूर्वोत्तर राज्यों में फेनी का प्रभाव तभी पता चलेगा जब यह शुक्रवार दोपहर ओडिशा पहुंचेगा.

कुछ ऐसा चक्रवात का हाल

भारतीय मौसम विभाग (आईएमडी) के एक हालिया बुलेटिन के मुताबिक, ओडिशा में पुरी से करीब 430 किलोमीटर दूर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम, पश्चिम मध्य बंगाल की खाड़ी, आंध्र प्रदेश में विशाखापत्तनम से 225 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व और पश्चिम बंगाल के दीघा में 650 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम में फोनी चक्रवात केन्द्रित है. विशेष राहत आयुक्त (एसआरसी) बीपी सेठी ने बताया कि इसके उत्तर-उत्तरपूर्व की ओर मुड़ने और पुरी के निकट ओडिशा तट को तीन मई की शाम अधिकतम 170-180 किलोमीटर प्रतिघंटे हवा की रफ्तार से पार करने की संभावना है. उन्होंने बताया कि इसकी रफ्तार 200 किलोमीटर प्रतिघंटे तक जा सकती है. मौसम विभाग के चक्रवात चेतावनी प्रभाग ने कहा कि चक्रवात फोनी दक्षिण पश्चिम और पश्चिम मध्य और दक्षिण पूर्व बंगाल की खाड़ी की ओर है. यह पुरी (ओडिशा) के 760 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिण पश्चिम और विशाखापत्तनम (आंध्रप्रदेश) के 560 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व तथा त्रिणकोमली के 660 किलोमीटर उत्तर-उत्तरपूर्व (श्रीलंका) में है.

ओडिशा की कुछ जगहों पर अधिक बारिश की आशंका

बृहस्पतिवार को ओडिशा में कई जगहों पर हल्के से मध्यम स्तर की बारिश हो सकती है और दक्षिण तटीय ओडिशा में भारी से भारी बारिश हो सकती है. तटीय ओडिशा में कुछ जगहों पर ‘बहुत ही अधिक बारिश’ होने की आशंका व्यक्त की गई है. प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘फोनी’ के भारतीय पूर्वी तट की ओर बढ़ने पर नौसेना और तटरक्षक बल के जहाज तथा हेलीकॉप्टर, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की राहत टीमें को महत्वपूर्ण स्थानों पर तैनात किया गया है जबकि सेना और वायु सेना की टुकड़ियों को तैयार रखा गया है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, ‘‘भारतीय तटरक्षक बल और भारतीय नौसेना ने राहत एवं बचाव अभियानों के लिए जहाजों तथा हेलीकॉप्टरों को तैनात किया है. आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में भारतीय सेना और भारतीय वायु सेना की टुकड़ियों को भी तैयार रखा गया है.’’ एनडीआरएफ आंध्र प्रदेश में 41 टीमों, ओडिशा में 28 और पश्चिम बंगाल में पांच टीमों को तैनात कर रहा है. एनडीआरएफ की एक टीम में करीब 45 कर्मी होते हैं.

मदद के लिए पहले ही 1,086 करोड़ रुपए की वित्तीय राशि जारी

मंत्रिमंडल सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में एनसीएमसी की पहली बैठक के फैसले के आधार पर गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि केंद्र सरकार ने तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पश्चिम बंगाल को एहतियातन और राहत कार्यों में मदद के लिए पहले ही 1,086 करोड़ रुपये की वित्तीय राशि जारी कर दी है. राज्यों ने मछुआरों को समुद्र में ना उतरने का परामर्श जारी किया है. भारतीय मौसम विभाग सभी संबंधित राज्यों की ताजा भविष्यवाणियों के साथ तीन घंटे के बुलेटिन जारी कर रहा है.

गृह मंत्रालय निरंतर राज्य सरकारों और संबंधित केंद्रीय एजेंसियों के संपर्क में है. राज्यों और केंद्रीय एजेंसियों की तैयारी की समीक्षा करते हुए मंत्रिमंडल सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जान के किसी भी नुकसान से बचने और भोजन, पेयजल तथा दवाइयों समेत आवश्यक सामान की आपूर्ति के वास्ते तैयार रहने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाए. उन्होंने आवश्यक सेवाएं जैसे कि बिजली, दूरसंचार बनाए रखने के लिए पर्याप्त तैयारी करने की भी सलाह दी है. बैठक के दौरान संबंधित राज्य सरकारों ने चक्रवाती तूफान के कारण पैदा होने वाली किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अपनी तैयारी की पुष्टि की.