ओडिशा विधानसभा में गुरुवार को सर्वसम्मति से वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) संविधान संशोधन विधेयक 2016 को पारित कर दिया गया। इसके साथ ही जीएसटी विधेयक पारित करने वाला ओडिशा 16वां राज्य बन गया। Also Read - काम की खबरः बीमा पॉलिसी खरीदने के लिए दी गई प्रीमियम पर मिलेगी LTC कैश वाउचर योजना के तहत छूट

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राज्य विधानसभा की विशेष बैठक में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने जीएसटी विधेयक की पुष्टि का प्रस्ताव रखा, जिसे घंटों चली बहस के बाद पारित कर दिया गया। Also Read - LTC Scheme: कर्मचारी परिवार के सदस्यों के नाम से कर सकते हैं खरीदारी

पटनायक ने कहा कि जीएसटी से देश भर में अप्रत्यक्ष कर व्यवस्था में व्यापक सुधार आएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा, “जीएसटी से ना केवल केंद्र और राज्य सरकारों को लाभ होगा, बल्कि उपभोक्ताओं, व्यापार और उद्योगों को भी इसका फायदा मिलेगा।”

पटनायक ने कहा कि राज्य सरकार अलग से केंद्र सरकार को पत्र लिखकर प्रदूषणजनित वस्तुओं पर ग्रीन टैक्स लगाने पर चिता जाहिर करते हुए इस पर पुनर्विचार का आग्रह करेगी तथा राज्यों के लिए 2016-17 तक केंद्रीय बिक्री कर के मुआवजे के लिए उचित कदम उठाने को कहेगी।

विपक्ष के नेता नरसिंह मिश्रा ने जीएसटी दर की ऊपरी सीमा तय करने की मांग की ताकि गरीबों को फायदा हो। यह भी पढ़ें: जीएसटी लागू होने के बाद यह चीज़ होगी सस्ती

मिश्रा ने कहा, “मैं सरकार से अपील करता हूं कि वे बेहद गरीब लोगों का ख्याल करे।”

जीएसटी संविधान संशोधन (122वां संशोधन) विधेयक 2014 को अगस्त में संसद में पारित किया गया था और राष्ट्रपति द्वारा अधिसूचित करने से पहले इसे 15 राज्यों की मंजूरी की जरूरत थी। इसके बाद जीएसटी परिषद करों की नई दरें समेत अन्य मुद्दों पर फैसला करेगी।

केंद्र सरकार ने 1 अप्रैल 2017 से जीएसटी को लागू करने का लक्ष्य रखा है।