Puri Rath Yatra: सुप्रीम कोर्ट ने रथ यात्रा पर रोक हटा दी है. मंगलवार को रथयात्रा आयोजित की जाएगी. वहीं, ओडिशा के पुरी जिले में, जहां ये रथयात्रा निकाली जानी है, वहां पूरी तरह से शटडाउन रहेगा. पुरी में दुकानें, बाज़ार आदि पूरी तरह से बंद रहेंगे. आज रात 9 बजे से बुधवार दोपहर 2 बजे तक पूरी तरह शटडाउन रहेगा. Also Read - तमिलनाडु सरकार ने कहा- मेडिकल, डेंटल सीटों पर अखिल भारतीय कोटा में ओबीसी आरक्षण लागू करने के लिए उठा रहे हैं कदम

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने कुछ प्रतिबंधों के साथ ओडिशा के पुरी में रथ यात्रा आयोजित करने की अनुमति दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा, पुरी रथ यात्रा स्वास्थ्य से समझौता किए बिना मंदिर समिति, राज्य और केंद्र सरकार के समन्वय के साथ आयोजित की जाएगी. प्रधान न्यायाधीश एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी और न्यायमूर्ति ए एस बोपन्ना की पीठ को ओडिशा सरकार ने सूचित किया कि वह मंदिर प्रबंधन और केन्द्र के साथ तालमेल करके रथ यात्रा के आयोजन के दौरान चीजों को सुगम बनायेगी. Also Read - आर्मी में वुमन ऑफिसर्स के स्थायी कमीशन का मामला: SC ने केंद्र को दिया एक माह का समय

इससे पहले केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट के सामने वार्षिक रथ यात्रा मामले का जिक्र किया और कहा, कोरोना वायरस महामारी को ध्यान में रखते हुए इसे सार्वजनिक भागीदारी के बिना आयोजित किया जा सकता है. जिस पर ध्यान देते हुए सुप्रीम कोर्ट ने इसकी इजाजत दे दी है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर राज्य (ओडिशा) को लगता है कि स्थिति हाथ से निकल रही है तो वह चाहे तो यात्रा या उत्सव को रोक सकता है. न्यायालय ने कहा कि वह रथ यात्रा के आयोजन का बारीकी से प्रबंधन नहीं कर सकता है और इसलिए यह काम केन्द्र, राज्य सरकार और मंदिर प्रबंधन के विवेक पर छोड़ेगा. Also Read - तमिलनाडु सरकार मेडिकल प्रवेश में ओबीसी आरक्षण पर जल्द फैसले को लेकर पहुंची सुप्रीम कोर्ट  

पुरी रथ यात्रा में दुनिया भर से लाखों लोग शामिल होते हैं और यह 23 जून से निर्धारित है. रथ यात्रा उत्सव जहां 23 जून को होना है वहीं ‘बाहुदा जात्रा’ एक जुलाई के लिए निर्धारित है. भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के लकड़ी से बने तीन भारी-भरकम रथों को परंपरा के अनुसार हजारों श्रद्धालु नौ दिवसीय उत्सव के दौरान दो बार तीन किलोमीटर की दूरी तक खींचते हैं.