नई दिल्‍ली: दिल्‍ली सरकार के विवादों में आए एक विज्ञापन पर मुख्‍यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने शनिवार को दोपहर बाद सफाई देते हुए कहा है कि सिक्किम भारत का एक अभिन्‍न हिस्‍सा. उन्‍होंने कहा कि ऐसी गलती स्‍वीकार नहीं की जा सकती है. विज्ञापन को हटा लिया गया है और संबंधित अधिकारी के खिलाफ एक्‍शन लिया गया है. Also Read - LAC के करीब उड़ान भर रहे चीनी लड़ाकू विमान, भारत ने भी तैनात किए अपने फाइटर जेट्स

वहीं, दिल्‍ली के उप राज्‍यपाल अनिल बैजल ने कहा, सिविल डिफेंस मुख्‍यालय के एक सीनियर अधिकारी को तत्‍काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है इस विज्ञापन को प्रकाशित करने के लिए, जिसमें जो कुछ पड़ोसी देशों के समान सिक्किम पर गलत संदर्भ देकर भारत की क्षेत्रीय अखंडता का अपमान किया गया है. Also Read - दक्षिण पश्‍चिम मानसूनी बारिश का अनुमान आया सामने, खुश हो जाएंगे देश के किसान

एलजी ने कहा, ऐसी गलती के लिए जीरो टॉलेंस! उन्‍होंने कहा, इस आपत्तिजनक विज्ञापन को वापस लेने के लिए तुरंत निर्देश भी दिया गया है. Also Read - लद्दाख में सीमा विवाद पर बोला चीन- भारत से लगती सीमा पर स्थिति स्थिर और नियंत्रण योग्य

आपत्तिजनक विज्ञापन आने पर दिल्‍ली बीजेपी प्रदेश अध्‍यक्ष मनोज तिवारी ने ट्वीट करते हुए कहा था @अरविंद केजरीवाल  जी .. ये क्या है? सिक्किम भारत के भारतीय ध्वज का एक अभिन्न अंग है! आप क्या कर रहे हैं, राष्ट्र अब जानना चाहता है !!

सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग ने ट्वीट करके दिल्ली सरकार से गलती सुधारने के लिए कहा है. दरअसल दिल्ली की सरकार विज्ञापन के भर्ती के कॉलम में लिखा है कि आवेदन कर्ता भारत का नागरिक हो या फिर भूटान, नेपाल या सिक्किम की प्रजा हो तथा दिल्ली का निवासी हो. सीएम तमांग ने ट्वीट किया है कि- दिल्ली सरकार द्वारा विभिन्न प्रिंट मीडिया में प्रकाशित इस विज्ञापन में सिक्किम के साथ-साथ भूटान और नेपाल जैसे देशों का उल्लेख है. सिक्किम 1975 से भारत का हिस्सा रहा है और एक सप्ताह पहले ही इसका राज्य दिवस मनाया गया है.

 

बता दें कि दिल्ली सरकार की ओर से सिविल डिफेंस के सदस्यों की भर्ती के लिए अखबारों में एक विज्ञापन प्रकाशित कराया गया है. इस ऐड में आवेदन के लिए आर्हता के कॉलम में लिखा गया कि भारत का नागरिक हो या नेपाल, भूटान या सिक्किम की प्रजा हो. नेपाल और भूटान के साथ सिक्किम को भी भारत से अलग दिखाया गया है.