नई दिल्‍ली. दिल्ली, मुंबई समेत देश के कई बड़े शहरों में सोमवार को ऐप आधारित टैक्सी सेवा ओला और उबर के चालक हड़ताल पर हैं. इससे दिल्‍ली-मुंबई के अलावा नोएडा, नाशिक, पुणे, सतारा में लोगों को परेशानी हो रही है. हालांकि, दिल्ली-एनसीआर को छोड़कर के देश के बाकी शहरों में इसका असर ज्यादा देखने को मिल रहा है. दिल्ली-एनसीआर में केवल कंपनी की कैब चल रही हैं, जिससे स्थिति कुछ हद तक नियंत्रण में है. सबसे ज्यादा प्रभाव मुंबई, बंगलूरू और पुणे में हैं. ओला और उब के ड्राइवरों ने चेतावनी दी थी कि वे रविवार की रात से ही प्रमुख शहरों में हड़ताल शुरू कर देंगे. हड़ताल के चलते सोमवार सुबह में ऑफिस जाने वालों को कैब की उपलब्‍धता में कमी का सामना करना पड़ा. Also Read - कोरोना संकट में कर्मचारियों पर ओला की मार, 1400 को नौकरी से निकालेगी कंपनी

ओला- उबर के चालकों की हड़ताल से इन दोनों कंपनियों की सभी सेवाओं पर असर पड़ा है. इसके चलते आम लोगों को ऑफिस, बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन, एयरपोर्ट और अन्य जरूरी कामों के लिए आना-जाना मुश्किल हो रहा है. कैब चालकों ने अपने कैब बुकिंग करने वाले डिवाइस को मध्यरात्रि से बंद कर रखा है. Also Read - ओला की दिल्ली सरकार के साथ भागीदारी, मरीजों को मुफ्त में अस्पताल पहुंचाने के लिए कैब सेवा देगी

कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद सबसे ज्यादा प्रभावित
जिन शहरों में इस हड़ताल का सर्वाधिक असर पड़ा है उनमें कोलकाता, चेन्नई, हैदराबाद सहित अन्य शहर शामिल हैं. इन शहरों में ज्यादातर लोग ऑफिस आने-जाने के लिए इन कंपनियों की कैब का प्रयोग करते हैं. ड्राइवर्स का कहना है कि वो सोमवार को ओला-उबर के ऑफिस के बाहर परिवार के साथ प्रदर्शन भी करेंगे. Also Read - Coronavirus: लॉकडाउन की वजह से दिल्ली में 31 मार्च तक बंद रहेगी ओला-उबर की सर्विस

ड्राइवर्स का कहना है कि उनकी आमदनी में लगातार कमी हो रही है. इन कंपनियों की ड्राइवर्स यूनियन की प्रमुख मांग है कि पहले की तरह उनको कम से कम 1.25 लाख रुपये मासिक का व्यापार मिले. दूसरा, कंपनी अपने द्वारा चलाई जा रहीं कैब को बंद करें. तीसरा, उन ड्राइवर्स को दुबारा से रखा जाए जिनको कस्टमर्स ने कम रेटिंग दी है. चौथा, गाड़ी की कॉस्ट के अनुसार किराये का निर्धारण किया जाए और पांचवा, कम किराये पर बुकिंग को बंद किया जाए. ड्राइवरों का कहना है कि किराए पर टैक्‍सी चलवाने वाली इन कंपनियों ने लोन गारंटी लेटर ड्राइवरों को मुद्रा स्‍कीम के तहत ऑफर किया था और वो भी बिना किसी वेरीफिकेशन के. ये लोन चुक्‍ता करने में गड़बड़ी कर रहे हैं और उनकी कीमत को कवर नहीं किया गया.

इतने शहरों में है सर्विस
ओला जहां देश के 110 शहरों में अपनी सर्विस देती है, वहीं उबर 25 शहरों में मौजूद है. ओला से रोजाना करीब 20 लाख लोग सफर करते हैं. 10 लाख लोग उबर की टैक्सी से अपना रोजाना का सफर पूरा करते हैं.