8 नवंबर 2016 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा बैन किये गए 500 और 1000 के नोट शायद एक महीने के लिए फिर से वैध हो सकते है। ऐसा इसलिए संभव है क्योंकि राज्यसभा में कांग्रेस द्वारा नोटबंदी को लेकर एक प्रस्ताव लाया गया है जो अगर आज पारित हो जाता है तो 500 और 1000 के नोट अगले एक महीने तक चलन में आ सकते है। मोदी सरकार ने नोट बंद करने का निर्णय लिया और लोगों को पुराने नोट बदलने या उन्हें बैंक में जमा करवाने के लिए 50 दिन का समय दिया। 30 दिसम्बर को बैंक में जमा करवाने का आखरी दिन था और अब 500 और 1000 के पुराने नोट चलन से बाहर हो गए है दरअसल, सरकार ने एक अध्यादेश लाकर नोट बंदी का फैसला लिया था।Also Read - राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का बड़ा आरोप, बोले- हमें जनरल रावत को श्रद्धांजलि अर्पित करने का समय नहीं दिया गया

मंगलवार 7 फरवरी को सरकार ने इसी को लेकर लोकसभा में बिल पास किया। क्योंकि बिल लोकसभा में पास हुआ है और यह मनी बिल है इसलिए राज्यसभा में यह पास करना अहम् नहीं है। लोकसभा से पारित होने के बाद बिल राज्यसभा में पेश किया जाता है और अगर दो हफ्तों तक वह पारित नहीं हुआ तो उसे अनुमोदित समझा जाता है। ऐसे में मोदी सरकार को राज्यसभा में इस बिल को पास करने के लिए ज़्यादा मुश्किल नहीं होगी। Also Read - 'अगस्त 2019 में आर्टिकल 370 हटाने के बाद कश्मीर में 366 आतंकी मार गिराए, 81 जवान हुए शहीद'

मगर कहानी में अभी ट्विस्ट बाकी है। राज्यसभा में कांग्रेस के सांसद टी सुब्बारामी रेड्डी ने बिज़नस एडवाइजरी समिति के बैठक के दौरान सरकार द्वारा नोटबंदी करने के लिए पारित किये हुए अध्यादेश को ही अस्वीकृत करने की मांग की। एक अंग्रेजी अखबार की खबर के अनुसार समिति ने सांसद की मांग को मान लिया है और इसी को लेकर गुरूवार को एक प्रस्ताव पारित हो सकता है। अगर राज्यसभा में यह प्रस्ताव पारित हुआ तो सरकार को नया बिल लाना पड़ सकता है। Also Read - Winter Session: शीतकालीन सत्र के पहले हफ्ते में राज्यसभा का 52.30 प्रतिशत समय हुआ बर्बाद

बता दें की गुरूवार को बजट सत्र के पहले भाग का आखरी दिन है। संसद महीने के लंबे अवकाश के बाद 9 मार्च को शुरू होगी। अगर राज्यसभा में अध्यादेश को अस्वीकृत किया जाता है और आज नया कानून पारित नहीं होता है तो पुराने नोट अगले एक महीने तक चल सकते है।