श्रीनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को बिना पढ़े लगातार 15 मिनट बोलने के चैलेज पर सियासी घमासान तेज हो गया है. इसे लेकर नेशनल कांफ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने कठुआ गैंगरेप केस के बहाने पीएम मोदी पर भी तंज कसा है. उमर ने राहुल गांधी से उम्मीद जतायी कि वह कर्नाटक सरकार को लेकर बिना कोई कागज पढ़े 15 मिनट तक बोलने की चुनौती स्वीकार करेंगे ताकि वह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से यह साफ करने को कह सकें कि कठुआ में बलात्कार और हत्या का मामला क्यों छोटा मुद्दा है.Also Read - फिर से कांग्रेस अध्यक्ष बन सकते हैं राहुल गांधी, CWC की बैठक में बोले- नेताओं ने दबाव बनाया तो विचार करूंगा

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अब्दुल्ला ने ट्विटर पर लिखा, मैं उम्मीद करता हूं कि राहुल गांधी माननीय प्रधानमंत्री की चुनौती स्वीकार करेंगे और बिना किसी कागज के कर्नाटक सरकार के बारे में 15 मिनट तक बोलेंगे और इसके बाद फिर हम शायद माननीय प्रधानमंत्री से इस बात पर दो मिनट के लिए बोलने को कह सकते हैं कि आठ साल की बच्ची के साथ बलात्कार और हत्या की घटना क्यों एक छोटा मुद्दा है. Also Read - पूर्व केंदीय मंत्री रामविलास पासवान की पुण्यतिथि पर श्रद्धाजंलि देने पहुंचे राहुल गांधी, लालू प्रसाद यादव से की भी मुलाकात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कर्नाटक में अपने चुनाव प्रचार अभियान की शुरुआत की और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि वह राज्य में सिद्धरमैया सरकार की उपलब्धियों के बारे में कागज का टुकड़ा पढ़े बिना किसी भी भाषा में 15 मिनट बोलकर दिखाएं.

15 मिनट की चुनौती पर बोले पीएम मोदी-बस पांच बार विश्‍वेश्‍वरैया बोलकर दिखाएं राहुल गांधी

मोदी ने दी थी चुनौती

मोदी ने संतेमारनहल्ली में एक चुनावी रैली में कहा कि मैं कांग्रेस अध्यक्ष को चुनौती देता हूं कि वह अपनी पार्टी की सरकार की उपलब्धियों पर कागज का टुकड़ा पढ़े बिना कर्नाटक में हिन्दी, अंग्रेजी या अपनी मां की मातृभाषा में 15 मिनट बोलकर दिखाएं. कर्नाटक के लोग अपना खुद का निष्कर्ष निकाल लेंगे.

अब्दुल्ला ने अपने ट्वीट में प्रधानमंत्री की चुनौती को भाजपा नेता और जम्मू – कश्मीर के नवनियुक्त उप मुख्यमंत्री कवींद्र गुप्ता की कठुआ की घटना से जुड़ी विवादित टिप्पणी से जोड़ने की कोशिश की. गुप्ता ने कठुआ की घटना को लेकर कहा था कि यह एक छोटा मुद्दा है जिसे मीडिया को महत्व नहीं देना चाहिए.

8 साल की बच्ची से हत्या

बता दें कि कठुआ में 8 साल की बच्ची से दुष्कर्म और हत्या को लेकर पूरे देश में आक्रोश है. इस मामले में क्राइम ब्रांच ने देवीस्थान के सेवादार और उसके बेटे, भतीजे को गिरफ्तार किया है. लेकिन स्थानीय लोग इसे पुलिस की साजिश बता रही है. आरोपियों के परिजनों की मांग है कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए. आरोपी अपना नार्को टेस्ट भी कराने के तैयार हैं. इस मामले में बीजेपी के दो मंत्रियों को इस्तीफा भी देना पड़ गया था क्योंकि इन्होंने आरोपियों के समर्थन में निकाली गई रैली में शिरकत की थी. जम्मू बार एसोसिएशन के वकीलों ने भी विरोध में कामकाज ठप कर दिया था. मामला अब सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.