
Rishabh Kumar
ऋषभ कुमार पाण्डेय डिजिटल मीडिया और न्यूज इंडस्ट्री में एक साल से अधिक समय का अनुभव रखते हैं. वे मई 2024 से Zee Media समूह के साथ जुड़े हैं. यहां ... और पढ़ें
Omar Abdullah Viral Video: जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला एक कार्यक्रम में पहुंचे, जहां कुछ ऐसा हुआ जिसने सबका ध्यान खींच लिया. वह श्रीनगर के कश्मीर हाट में “Know Your Artisans” इवेंट का उद्घाटन करने आए थे. जैसे ही वह रिबन काटने के लिए आगे बढ़े, उन्होंने तुरंत कुछ नोटिस किया और रुक गए. आमतौर पर ऐसे कार्यक्रमों में रिबन काटकर शुरुआत की जाती है, लेकिन इस बार मामला थोड़ा अलग था. यही वजह है कि यह छोटा सा पल एक बड़ी चर्चा बन गया.
जब मुख्यमंत्री ने रिबन को ध्यान से देखा, तो उसमें केसरिया, सफेद और हरे रंग नजर आए, जो तिरंगे जैसे दिख रहे थे. यह देखकर उन्होंने तुरंत कहा कि वह इसे नहीं काट सकते. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि इस रिबन को दोनों तरफ से खोल दिया जाए, लेकिन इसे काटा नहीं जाएगा. उनका यह फैसला तुरंत लिया गया, जिससे साफ दिखा कि उन्होंने मौके पर सोच-समझकर कदम उठाया. उनके साथ उस समय कई नेता और अधिकारी भी मौजूद थे, जिन्होंने उनकी बात मानी और रिबन को बिना काटे ही कार्यक्रम आगे बढ़ाया गया.
#WATCH | Srinagar | Jammu & Kashmir CM Omar Abdullah refuses to cut a tricoloured inaugural ribbon to mark the official opening of the two-day Handicrafts & Handloom Exhibition, instead asks the organisers to remove it and keep it safely pic.twitter.com/d2o6kYzKH2
— ANI (@ANI) April 15, 2026
इस घटना का वीडियो जैसे ही सामने आया, सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया. लोगों ने मुख्यमंत्री के इस कदम की खूब सराहना की. कई यूजर्स ने कहा कि यह देश के झंडे के प्रति सम्मान दिखाने का सही तरीका है. लोगों ने इसे एक अच्छा उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे फैसले नेताओं को औरों से अलग बनाते हैं. कुछ लोगों ने तो यह भी लिखा कि यह छोटा कदम नहीं, बल्कि एक बड़ा संदेश है कि हमें राष्ट्रीय प्रतीकों का सम्मान हमेशा करना चाहिए.
नेशनल कॉन्फ्रेंस ने भी इस घटना को शेयर करते हुए कहा कि यही असली सम्मान है. उनका कहना था कि देशभक्ति सिर्फ बातों में नहीं, बल्कि ऐसे कामों में दिखती है. वहीं कुछ लोगों ने सवाल भी उठाए. उनका कहना था कि कार्यक्रम आयोजित करने वालों को पहले ही ध्यान रखना चाहिए था कि तिरंगे जैसे रंगों का इस तरह इस्तेमाल सही नहीं है. कई लोगों ने इसे आयोजकों की गलती बताया और कहा कि ऐसी चीजों में थोड़ी ज्यादा समझदारी दिखानी चाहिए थी.
इस पूरे मामले ने एक बात साफ कर दी कि कभी-कभी छोटे फैसले भी बड़ा असर डालते हैं. मुख्यमंत्री का यह कदम लोगों के लिए एक सीख बन गया कि देश के प्रतीकों का सम्मान कैसे करना चाहिए. इस घटना के बाद यह चर्चा भी तेज हो गई कि हमें हर जगह तिरंगे और उसके रंगों का सही तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए. कुल मिलाकर, यह सिर्फ एक रिबन न काटने का मामला नहीं था, बल्कि यह एक सोच और जिम्मेदारी दिखाने का तरीका था, जिसे लोगों ने दिल से सराहा.
ब्रेकिंग न्यूज और लाइव न्यूज अपडेट के लिए हमें फेसबुक पर लाइक करें या ट्विटर पर फॉलो करें. India.Com पर विस्तार से पढ़ें India Hindi की और अन्य ताजा-तरीन खबरें
By clicking “Accept All Cookies”, you agree to the storing of cookies on your device to enhance site navigation, analyze site usage, and assist in our marketing efforts Cookies Policy.