कोलकाता. ऐसे समय में जबकि देश के सभी राजनीतिक दल अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव की तैयारी कर रहे हैं. कांग्रेस ने राहुल गांधी को अपने चुनावी अभियान का नेतृत्वकर्ता घोषित कर दिया है. विपक्षी एकता की पैरोकारी करने वाले दल, भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ एकजुट होने लगे हैं. वहीं, राहुल गांधी को भाजपा के खिलाफ विपक्षी गठबंधन की तरफ से प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार मानने के खिलाफ बातें उठने लगी हैं. खासकर ममता बनर्जी और मायावती जैसी नेताओं के राष्ट्रीय पटल पर उभरने के संकेत मिलने लगे हैं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता और जम्मू-कश्मीर के पूर्व सीएम उमर अब्दुल्ला ने राहुल को विपक्षी एकता की धुरी बनाने की बात कही है. उमर अब्दुल्ला ने कहा है कि 2019 के लोकसभा चुनाव के प्रचार अभियान में कांग्रेस को विपक्षी एकता की ‘धुरी’ बनना होगा और राहुल गांधी को इसका नेतृत्व करना होगा. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद उमर अब्दुल्ला का यह बयान, विपक्षी दलों में राहुल गांधी को सर्वमान्य नेता मानने की बातों को लेकर चल रहे सियासी ‘आनाकानी’ के बीच, महत्वपूर्ण माना जा रहा है. Also Read - UP Vidhan Parishad Election: यूपी विधान परिषद की 11 सीटों के लिए हुए चुनाव में 55.47% मतदान

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उमर बोले- कांग्रेस-भाजपा में होगी सीधी टक्कर

कोलकाता में दिए एक साक्षात्कार में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने राहुल गांधी के विपक्ष का नेतृत्व करने की पैरवी की. उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस को धुरी बनना पड़ेगा, क्योंकि एक विशेष पार्टी से विपक्ष की सीटों का हिस्सा इसी से होगा. क्योंकि कई ऐसे राज्य हैं जहां पर कांग्रेस और भाजपा के बीच सीधी टक्कर होगी.’ उन्होंने कहा, ‘आखिरकार केंद्र में सरकार बनाने के लिए आपको 272 सीटों की जरूरत होगी, जो क्षेत्रीय दलों को मिलने नहीं जा रही. यदि गैर-भाजपा सरकार बनाने के लिए इस आंकड़े तक नहीं पहुंचते हैं तो आप 100 सीटों के करीब होने के कारण कांग्रेस की तरफ देखेंगे.’ हालांकि उमर अब्दुल्ला ने विभिन्न राज्यों में क्षेत्रीय दलों के अस्तित्व से भी इनकार नहीं किया. उन्होंने कहा, ‘हालांकि अपने राज्यों में मजबूत क्षेत्रीय नेताओं की जिम्मेदारी इससे कम नहीं होती है.’

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन को लेकर उमर अब्दुल्ला और ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत.

विपक्षी पार्टियों के गठबंधन को लेकर उमर अब्दुल्ला और ममता बनर्जी के बीच हुई बातचीत.

 

विपक्षी मोर्चा की संभावना पर ममता से मुलाकात

उमर अब्दुल्ला ने बीते शुक्रवार को पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से कोलकाता में मुलाकात की और संभावित विपक्षी मोर्चा पर बातचीत की. विपक्षी मोर्चा बनाने के लिए प्रयास तेजी से किए जा रहे हैं लेकिन क्षेत्रीय दलों के नेताओं का एक वर्ग नहीं चाहता है कि कांग्रेस इसकी अगुवाई करे और वे एक गैर-भाजपा एवं गैर-कांग्रेस मोर्चा बनाने की बात कर रहे हैं. राहुल गांधी को विपक्ष का चेहरा बनाए जाने के मुद्दे पर अब्दुल्ला ने कहा कि सबसे बड़े विपक्षी दल का अध्यक्ष होने के नाते वह उम्मीद कर रहे हैं कि वह चुनाव अभियान की अगुवाई करेंगे. उन्होंने कहा, ‘निश्चित रूप से, हर कोई उम्मीद करेगा कि राहुल गांधी 2019 में चुनाव अभियान में अगुवाई करें, लेकिन याद रखना होगा कि सोनिया गांधी संप्रग की नेता हैं. इसलिए कोई भी उम्मीद करेगा कि सोनिया गांधी भी अभियान का हिस्सा होंगी.’

...तो क्या राहुल गांधी नहीं, मायावती या ममता बनर्जी होंगी विपक्षी गठबंधन की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार!

...तो क्या राहुल गांधी नहीं, मायावती या ममता बनर्जी होंगी विपक्षी गठबंधन की प्रधानमंत्री पद की उम्मीदवार!

राहुल की क्षमता के सवाल पर कर्नाटक की नजीर

राहुल गांधी की नेतृत्व क्षमता पर सवाल उठाने वालों पर भी उमर अब्दुल्ला ने निशाना साधा. उन्होंने ऐसे बयान देने वाले नेताओं पर को कर्नाटक में सरकार बनाने की कांग्रेस की भूमिका का उदाहरण दिया और कहा कि उन्होंने (राहुल गांधी ने) काफी परिपक्वता दिखाई है कि पार्टी का आधार कैसे बढ़ाना है. अब्दुल्ला ने कहा, ‘वह कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष हैं. अगर किसी को उनके नेतृत्व के गुण पर संदेह होना चाहिए तो यह उनकी पार्टी को होना चाहिए. उनकी पार्टी को इससे कोई समस्या नहीं है, तब किसी और को आपत्ति क्यों होनी चाहिए.’ बता दें कि शनिवार को उमर अब्दुल्ला ने ममता बनर्जी के साथ मुलाकात के बाद संतोष जताते हुए कहा कि वह अगले लोकसभा चुनावों के लिए ममता और समान विचार वाले अन्य नेताओं के साथ करीब से काम करने के लिए उत्साहित हैं. उन्होंने ट्विटर पर लिखा, ‘कोलकाता में ममता के साथ हुई बैठक सुखद रही. 2019 के लिए तैयारी तेज करते हुए मैं उनके और अन्य समान विचारधारा वाले नेताओं के साथ काम करने को लेकर उत्साहित हूं.’ इस पर पश्चिम बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने जवाब देते हुए कहा, ‘धन्यवाद उमर. आपके साथ मुलाकात करना हमेशा सुखद रहता है. हां, हम करीब से काम करेंगे.’

(इनपुट – एजेंसी)