नई दिल्‍ली: जम्‍मू-कश्‍मीर के नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला मंगलवार को श्रीनगर में 232 दिन हिरासत में गुजारने के बाद बाद बाहर आए. उन्‍होंने आज मुझे एहसास हुआ कि हम जीवन और मृत्यु की लड़ाई लड़ रहे हैं. हमारे सभी लोग जिन्हें हिरासत में लिया गया है, उन्हें इस समय रिहा किया जाना चाहिए. हमें कोरोनवायरस से लड़ने के लिए सरकार के आदेशों का पालन करना चाहिए. उमर जब हिरासत से बाहर आए तो उनकी दाड़ी खूब बड़ी हुई दिखी और सिर के बाल कम दिखाई दे रहे थे. Also Read - जम्मू कश्मीर के डोडा में बड़ा हादसा, पहाड़ों के बीच नदी में गिरी मिनी बस, 6 की मौत, कई घायल

नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने जिस तरह से जम्‍मू-कश्‍मीर दो यूनियन टेरिटरी में टूट गया था, कैसे बच्चे महीनों तक स्कूल नहीं जा सकते थे, दुकानदारों की कमाई नहीं होती थी, शिकारा मालिकों को मुश्किलों का सामना करना पड़ता था. मैं वर्तमान स्थिति के गुजरने के बाद इस बारे में बात करूंगा कि 5 अगस्त से सभी के साथ क्या हुआ था. Also Read - Coronavirus in UP: सीएम योगी ने कहा- राज्य में नहीं लगेगा लॉकडाउन, लोगों को दुख में मरने नहीं देंगे


उमर अब्दुल्ला लगभग आठ महीने बाद हिरासत से रिहा
जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को लगभग आठ महीने बाद मंगलवार को हिरासत से रिहा कर दिया गया.जनसुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत लगाए गए आरोप हटाए जाने के बाद उनकी रिहाई का आदेश जारी किया गया.

232 दिन हिरासत में गुजारे
गत 10 मार्च को 50 साल के हुए अब्दुल्ला ने पिछले साल पांच अगस्त को जम्मू कश्मीर का विशेष दर्जा खत्म किए जाने के बाद, 232 दिन हिरासत में गुजारे. नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता को पूर्व में एहतियातन हिरासत में लिया गया था, लेकिन बाद में पांच फरवरी को उन पर पीएसए लगा दिया गया था.