श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कांफ्रेंस (नेकां) के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को पूर्व राज्य राज्यपाल सत्यपाल मलिक की एक टिप्पणी पर कड़ा विरोध जताया. मलिक ने नेकां और पीडीपी पर पाकिस्तान के दबाव में होने का आरोप लगाया गया है. इसके बाद उमर ने मलिक को ‘एकमुश्त झूठा’ कहा है. Also Read - हरभजन-युवराज के बयान पर आफरीदी का पलटवार; कहा- उन्हें पता है कि उनके देश में लोगों पर अत्याचार हो रहा है

इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए उमर ने अपने ट्विटर हैंडल पर कहा, “केवल नाम का सत्य है, काम का नहीं. वह झूठ बोलने से कभी नहीं थकते. 5 अगस्त से पहले जम्मू-कश्मीर के लोगों से झूठ बोला और अब भी झूठ बोल रहे हैं. राजभवन की दीवारों के पीछे छिपना उन्हें बदनामी से बचाता है. ऐसा लगता है कि अपना मुंह बंद करने के लिए वह शर्मिदा हैं. उन्हें अब सब कहने दें जब वह राज्यपाल नहीं है और देखें.” अपने राजनीतिक जीवन में कभी भी उमर ने सार्वजनिक जीवन में किसी की निंदा करने के लिए पहली बार इस तरह के कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया है. Also Read - भारत की पड़ी POK पर नजर तो घबराया पाकिस्तान, सेना प्रमुख बाजवा ने सैनिकों के सामने कबूला सच

हाल ही में एक टिप्पणी में, मलिक ने कहा था कि उन्होंने उमर और महबूबा से व्यक्तिगत तौर पर मुलाकात कर पंचायत चुनाव में भाग लेने के लिए उन्हें मनाने का प्रयास किया था, लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के दबाव के कारण ऐसा करने से इनकार कर दिया था. मलिक ने शुक्रवार को कहा था, “पीएम ने कहा था कि हम पंचायत चुनाव (जम्मू-कश्मीर में) कराएंगे. मैंने प्रोटोकॉल तोड़ा और उमर अब्दुल्ला और महबूबा मुफ्ती के आवास पर गया. लेकिन उन्होंने पाकिस्तान के दबाव में आकर चुनाव में भाग लेने से इनकार कर दिया. आतंकवादियों ने धमकी भी दी फिर भी चुनाव सफलतापूर्वक हुए.” Also Read - कश्मीर घाटी में फिर सक्रिय हो रहा हिजबुल, 10 दिनों में हमले की योजना; किश्तवाड़ पहुंचा आतंकवादियों का एक समूह!