Omicron Variant का खतरा: केंद्र सरकार ने की हाई लेवल मीटिंग, इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर निर्णय की फि‍र समीक्षा कर सकता है भारत

कोरोना वायरस के नए स्वरूप ‘ओमीक्रोन’के मद्देनजर पीएम नरेंद्र मोदी ने स्थिति की समीक्षा की और इसके बाद गृह मंत्रालय में केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में बुलाई गई आपात बैठक में स्थिति की समीक्षा की गई, बचाव उपायों को मजबूत करने पर चर्चा हुई

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Omicron new COVID Variant : दुनियाभर के देशों में कोरोना वायरस के संभवत: अधिक संक्रामक नए स्वरूप ओमीक्रोन’का संकट छाया हुआ है. इस संकट के मद्देनजर आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्थिति की समीक्षा की और इसके बाद गृह मंत्रालय में केंद्रीय गृह सचिव की अध्यक्षता में आपात बैठक बुलाई गई. इस बैठक में ओमीक्रोन’स्वरूप के मद्देनजर वैश्विक स्थिति की समीक्षा की गई, बचाव उपायों को मजबूत करने पर चर्चा हुई. वहीं, इजराइल ने कोविड-19 वायरस के नए स्वरूप के चलते यात्रा प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया है. इसके अलावा भी कई देशों ने सुरक्षा और बचाव के लिए प्रतिबंध कड़े किए हैं.

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केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा, कोविड-19 के स्वरूप के लिए जीनोम निगरानी को और मजबूत और तेज किया जाएगा. गृह मंत्रालय ने कहा, सरकार अंतरराष्ट्रीय यात्रियों, विशेष रूप से 'जोखिम' श्रेणी के रूप में पहचाने गए देशों से आने वालों की जांच, निगरानी पर एसओपी की समीक्षा करेगी.

गृह मंत्रालय के बयान के मुताबिक, वैश्विक परिदृश्य को देखते हुए निर्धारित वाणिज्यिक अंतरराष्ट्रीय यात्री सेवाओं को फिर से शुरू करने की प्रभावी तिथि पर निर्णय की समीक्षा की जाएगी. गृह मंत्रालय ने कहा, जांच प्रोटोकॉल की सख्त निगरानी के लिए हवाई अड्डे और समुद्री बंदरगाह के स्वास्थ्य अधिकारियों को संवेदनशील बनाया जाएगा.

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इजराइल ने ओमीक्रोन के चलते यात्रा प्रतिबंधों को और कड़ा किया, 50 अफ्रीकी देशों को रेड लिस्‍ट में डाला

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इजराइल ने कोरोना वायरस के नए स्वरूप ओमीक्रोन के प्रसार को रोकने के लिए रविवार को विदेशी नागरिकों के देश में प्रवेश पर रोक और संक्रमितों के संपर्क में आने वालों का पता लगाने के लिए विवादित प्रौद्योगिकी का इस्तेमाल करने की मंजूरी दे दी. इजराइली स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी बयान में बताया कि मंत्रिमंडल ने वायरस के प्रसार को रोकने के लिए कई कदमों को मंजूरी दी है जिनमें 50 अफ्रीकी देशों की यात्रा को लाल सूची में डालना, विदेशी नागरिकों को देश में आने से रोकना और विदेश यात्रा से आने वाले सभी इजराइलियों के लिए पृथक-वास को अनिवार्य बनाना शामिल है.

इजराइल ने विवादित प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी

बयान में कहा गया कि मंत्रिमंडल ने शीन बेट इंटर्नल सिक्योरिटी एजेंसी की विवादित फोन निगरानी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को भी मंजूरी दी है, जिसमें इजराइल में ओमीक्रोन से संक्रमण की पुष्टि होने पर उस व्यक्ति के संपर्क में आए लोगों का पता लगाया जाएगा. इजराइली अधिकार समूहों ने हालांकि मोबाइल फोन निगरानी प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल को मंजूरी देने की आलोचना की है और इसे निजता के अधिकार का हनन करार दिया है.

यूरोप के कई और देशों में फैला कोरोना वायरस के ओमीक्रोन स्वरूप का संक्रमण

सबसे पहले दक्षिण अफ्रीका में पाए जाने के महज कुछ दिनों बाद ही कोरोना वायरस के संभवत: अधिक संक्रामक नए स्वरूप ओमीक्रोन ने कई और यूरोपीय देशों को अपनी चपेट में ले लिया है, जिसके कारण दुनिया भर की सरकारों को इसे नियंत्रित करने के लिए कदम उठाने को मजबूर होना पड़ा है .

दक्षिण अफ्रीका के बाद ब्रिटेन, जर्मनी, इटली, बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल ने नियमों को सख्त  सख्‍त किया 

दक्षिण अफ्रीका में सबसे पहले यह नया वा‍रियंट मिला है. वहीं, ब्रिटेन ने ओमीक्रोन से संक्रमण के दो मामले सामने आने के बाद शनिवार को मास्क पहनने और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के आगमन संबंधी नियमों को सख्त कर दिया. जर्मनी और इटली में भी शनिवार को ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमण की पुष्टि हुई. बेल्जियम, हांगकांग और इजराइल पहुंचने वाले यात्रियों में भी वायरस के इस स्वरूप का संक्रमण मिला है.

अमेरिका: यह तय है कि वह सभी जगह फैलेगा

अमेरिका में संक्रामक रोगों के शीर्ष सरकारी विशेषज्ञ डॉ.एंथनी फाउची ने कहा कि यह आश्चर्य की बात नहीं होगी, अगर अमेरिका में पहले से ही वायरस के इस स्वरूप की मौजूदगी का पता चले. उन्होंने एनबीएस’ टेलीविजन से कहा, ''हमें अभी तक इसका मामला नहीं मिला है, लेकिन जब आपके आसपास ऐसा वायरस हो और जो इस स्तर पर प्रसारित हो रहा हो....तो यह तय है कि वह सभी जगह फैलेगा.

पूरी दुनिया में चिंता, लॉकडाउन के बढ़ने की आंशका बढ़ी

वायरस के नए स्वरूप में अब तक लगाए गए टीकों के प्रति अधिक प्रतिरोधक क्षमता होने की संभावना के मद्देनजर पूरी दुनिया में महामारी को लेकर चिंता है और लॉकडाउन संबंधी प्रतिबंधों के अपेक्षाकृत अधिक समय तक लागू रहने की आशंका है.

महामारी की वजह से पूरी दुनिया में 50 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी

बता दें गत दो साल से जारी महामारी की वजह से पूरी दुनिया में 50 लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और इस नए खतरे के प्रति पूरी दुनिया के देश हाई अलर्ट पर हैं। कई देशों ने पहले ही दक्षिण अफ्रीका से आने वाली उड़ानों पर रोक लगा दी है ताकि उन्हें ओमीक्रोन का आकलन करने के लिए समय मिल सके और वे पता लगा सके कि वायरस का यह स्वरूप मौजूदा डेल्टा स्वरूप से कहीं अधिक तेजी से प्रसारित तो नहीं हो रहा।

ब्रिटेन में आरटी-पीसीआर जांच जरूरी, रिपोर्ट आने तक क्‍वारंटीन का प्रावधान

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने इंग्लैंड में वायरस के नए स्वरूप से दो लोगों के संक्रमित होने की पुष्टि होने के बाद कहा कि लक्षित और एहतियाती कदम उठाने की जरूरत है. वायरस के इस स्वरूप के संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए जॉनसन द्वारा घोषित कदमों में देश में आने के दूसरे दिन आरटी-पीसीआर जांच कराना और रिपोर्ट में संक्रमित नहीं होने की पुष्टि होने तक पृथक-वास में रहने का प्रावधान शामिल है. उन्होंने कहा, हम आज से बूस्टर खुराक के लिए अभियान को गति देने जा रहे हैं.

रेड लिस्‍ट मं ये देश शामिल

ब्रिटेन ने बोत्सवाना, इस्वातिनी (पूर्व में स्वाजीलैंड), लेसेथो, नामीबिया, दक्षिण अफ्रीका और जिम्बाब्वे के अलावा रविवार से अंगोला, मालावी, मोजाम्बिक और जाम्बिया को भी लाल सूची में डालने का फैसला किया है. इसका अभिप्राय है कि यहां से आने वाले लोगों को पृथक-वास के नियम का अनुपालन करना होगा.

इन देशों ने भी लगाई पाबंदी

ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, यूरोपीय संघ, ईरान, जापान, थाईलैंड और अमेरिका सहित कई देशों ने भी गत कुछ दिनों में दक्षिण अफ्रीकी देशों पर वायरस के नए स्वरूप के मद्देनजर पाबंदी लगाई है. यह कदम विश्व स्वास्थ्य संगठन के सुझाव के विपरीत है, जिसमें उसने आंकलन के बिना अत्यधिक प्रतिक्रिया से बचने को कहा था.

इटली और जर्मनी में हाल में ओमीक्रोन से संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई

कई देशों द्वारा उड़ानों पर रोक लगाए जाने के बावजूद यह चिंता बढ़ रही है कि वायरस का स्वरूप पहले ही दुनिया के कई देशों में फैल चुका है. इटली और जर्मनी में हाल में ओमीक्रोन से संक्रमण के मामलों की पुष्टि हुई है.

अफ्रीकी देश मोजाम्बिक से इटली लौटा व्यक्ति ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित मिला

अफ्रीकी देश मोजाम्बिक से इटली लौटा व्यक्ति ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित पाया गया है. यह व्यक्ति एक कारोबारी है और 11 नवंबर को नेपल्स के निकट स्थित अपने घर लौटा था. उसके घर के पांच सदस्य भी वायरस के नए स्वरूप से संक्रमित पाए गए हैं, जिनमें दो स्कूली बच्चे में भी शामिल है. सभी संक्रमितों को नेपल्स के उपनगर कैसरटा में पृथक-वास में रखा गया है और सभी में संक्रमण के हल्के लक्षण हैं व उनकी हालत ठीक है. मिलान के सैको अस्पताल और इटली के राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान ने भी व्यक्ति के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि की है और कहा कि उसे टीके की दोनों खुराक लग चुकी थी.

दक्षिण अफ्रीका से लौटे दो यात्रियों के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई थी

जर्मनी में म्यूनिख के मैक्स वोन पेट्टेनकोफर इंस्टीट्यूट ने भी 24 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका से लौटे दो यात्रियों के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि की है. जर्मनी की समाचार एजेंसी ने संस्थान के प्रमुख ओलिवर केपलर के हवाले से बताया कि संक्रमितों के नमूनों का आनुवंशिकी अनुक्रमण कराया जाना बाकी है, लेकिन यह निसंदेह साबित हो चुका है कि वे वायरस के इसी स्वरूप से संक्रमित हैं.

नीदरलैंड में कई लोगों में ओमीक्रॉन की पुष्‍ट‍ि 

नीदरलैंड के जन स्वास्थ्य संस्थान ने कहा कि ओमीक्रोन का संक्रमण संभवत: कई लोगों में मिला है और दक्षिण अफ्रीका से दो विमानों में सवार होकर शुक्रवार को एम्स्टर्डम आए इन लोगों को पृथक-वास में रखा गया है.इजराइल ने बताया कि मालावी से लौटे एक व्यक्ति के ओमीक्रोन स्वरूप से संक्रमित होने की पुष्टि हुई है. इसके बाद हाल में दक्षिणी अफ्रीकी देशों से लौटे 800 लोगों की जांच की जा रही है.

ओमीक्रोन दक्षिण अफ्रीका की युवा आबादी में तेजी से फैल रहा

ऑस्ट्रेलिया ने रविवार को कहा कि उसके वैज्ञानिक यह पता लगाने का प्रयास कर रहे हैं कि दक्षिण अफ्रीका से लौटे और कोविड-19 के शिकार दो लोगों में कहीं ओमीक्रोन स्वरूप का संक्रमण तो नहीं है. ओमीक्रोन दक्षिण अफ्रीका की युवा आबादी में तेजी से फैल रहा है जिससे स्वास्थ्य पेशेवरों की चिंता बढ़ गई है. हालांकि, तत्काल यह संकेत नहीं मिले हैं कि नया स्वरूप अधिक गंभीर बीमारी पैदा कर सकता है या नहीं.

टीका उत्‍पादक कंपनियां वैक्‍सीन में परिवर्तन करने की कोशिश में

एस्ट्राजेनेका, मॉडर्ना, नोवावैक्स और फाइजर सहित तमाम दवा कंपनियों ने कहा कि ओमीक्रोन के सामने आने के बाद वे अपने टीके को उसका मुकाबला करने के लिए परिवर्तित करने का प्रयास कर रहे हैं और ये टीके 100 दिन में तैयार होने की उम्मीद है. (इनपुट: भाषा-एएनआई)

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Published Date:November 28, 2021 5:49 PM IST

Updated Date:November 28, 2021 5:49 PM IST

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