Omicron scare: अतिरिक्त वैक्सीन पर एक्सपर्ट में नहीं बनी सहमति, अब नजर आज आने वाले WHO के दिशा-निर्देशों पर

Omicron scare: वैज्ञानिक और डॉक्टर Omicron को अधिक संक्रामक बता रहे हैं, लेकिन साथ ही उनका कहना है कि इसके कारण अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का आंकड़ा बढ़ने की आशंका कम है. Scientific Advisory Group अतिरिक्त खुराक को लेकर किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाया, क्योंकि इसमें आम सहमित नहीं बन पाई.

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Omicron scare: कोरोना वायरस का नए वेरिएंट Omicron को लेकर अब भी डर व्याप्त है. हालांकि, वैज्ञानिक और डॉक्टर इसे अधिक संक्रामक बता रहे हैं, लेकिन साथ ही उनका कहना है कि इसके कारण अस्पताल में भर्ती होने या मृत्यु का आंकड़ा बढ़ने की आशंका कम है. इस बीच Omicron वेरिएंट से बचने के लिए अतिरिक्त वक्सीन या बूस्टर डोज की बात भी कई दिनों से कही जा रही है. कोविड वैक्सीनेशन को लेकर वैज्ञानिक सलाहकार समूह (Scientific Advisory Group) अतिरिक्त खुराक को लेकर किसी निर्णय पर नहीं पहुंच पाया, क्योंकि इसमें आम सहमित नहीं बन पाई. Omicron के खतरे के बीच कुछ डॉक्टरों का मानना है कि जो लोग इसके खतरे में हैं, उन्हें अतिरिक्त खुराक या बूस्टर डोज दी जानी चाहिए, ताकि उन्हें Omicron के गंभीर संक्रमण से बचाया जा सके. NTAGI ने अभी इसको लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है, एक वरिष्ट अधिकारी ने इस संबंध में एक अंग्रेजी अखबार से बात करते हुए बताया.

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जानकार वैक्सीन न लग पाने के कारण कोरोना वायरस के नए वेरिएंट के आसान शिकार समझे जा रहे बच्चों को Omicron और अन्य कोरोना वेरिएंट से बचाने पर ज्यादा ध्यान दे रहे हैं. इसको लेकर इस हफ्ते के अंत तक दिशा-निर्देश (Guidelines) आने की संभावना है.

सूत्रों के अनुसार कोविड-19 के खिलाफ बनाया गया नेशनल टेक्निकल एडवायजरी ग्रुप (NTAGI) अभी आंकड़ों का विश्लेषण कर रहा है. आंकड़े देश की आबादी में उच्च सेरोपोजिटिविटी को दर्शा रहे हैं. कुछ जानकारों का मानना है कि ऐसे हेल्थकेयर वर्कर जिन्हें शुरुआत में वैक्सीन दी गई थी, कमजोर प्रतिरोधक क्षमता वाले लोग और बुजुर्गों की इम्यूनिटी कमजोर पड़ रही है और वह खतरे में हैं, खासतौर पर Omicron जैसे कोरोना वायरस के नए वेरिएंट से. अधिकारी ने बताया कि NTAGI इस संबंध में विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के दिशा-निर्देशों का इंतजार करेगा.

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विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के साइंटिफिक एडवाइजरी बोर्ड की भी आज यानी मंगलवार 7 दिसंबर को एक बैठक होनी है. इस बैठक में ऐसे लोगों को कोरोना वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक देने पर विचार किया जा सकता है, जिनके कोविड के गंभीर संक्रमण की चपेट में आने की आशंका है.

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अधिकारी ने बताया कि फिलहाल हमारे पास इस बात का कोई ठोस सबूत नहीं है कि भारत में वैक्सीन ले चुके लोगों की कोरोना वायरस के खिलाफ बनी प्रतिरोधक क्षमता कमजोर पड़ रही है. उन्होंने कहा - हालांकि, हम सभी डेटा पर बारीकी से नजर बनाए हुए हैं. इसमें हम अस्पतालों में भर्ती हुए मरीजों और दोबारा कोरोना संक्रमण की जद में आए लोगों को देख रहे हैं. अतिरिक्त खुराक या बूस्टर डोज देने जैसा फैसला जल्दबाजी में नहीं लिया जा सकता, क्योंकि Omicron अभी बिल्कुल नया वेरिएंट है. उन्होंने कहा, सच्चाई तो यह है कि हमारे देश में ज्यादातर लोग युवा हैं और उनकी रोग प्रतिरोधक क्षमता अच्छी है.

हाल ही में भारत के सार्स सीओवी-2 जिनोमिक्स कंसोर्टियम (INSACOG) ने कहा था कि हो सकता है मौजूदा टीकों से बनी एंटीबॉडी कोरोना के नए वेरिएंट Omicron के खिलाफ पर्याप्त सुरक्षा नहीं दगी. इसमें 40 वर्ष से अधिक आयु के लोगों और ऐसे लोगों को जिनको ज्यादा खतरा है उन्हें बूस्टर डोज दी जा सकती है.

(इनपुट - एजेंसियां)

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Published Date:December 7, 2021 10:50 AM IST

Updated Date:December 7, 2021 11:08 AM IST

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