नई दिल्ली: उत्तराखंड हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस के एम जोसफ को प्रमोट कर सुप्रीम कोर्ट भेजने के लिए उनके नाम पर सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम की आज होने वाली महत्वपूर्ण बैठक में फैसला हो सकता है. गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने कुछ दिन पहले न्यायमूर्ति जोसफ को शीर्ष अदालत के न्यायाधीश के तौर पर पदोन्नत करने की सिफारिश कॉलेजियम के पास पुनर्विचार के लिये वापस भेज दी थी. यद्यपि इस बारे में आधिकारिक तौर पर कुछ भी नहीं कहा गया है, लेकिन सूत्रों ने बताया कि कॉलेजियम में शामिल पांच न्यायाधीशों के सहमत होने पर बैठक किसी भी समय हो सकती है. Also Read - Delhi Riots: SC ने फेसबुक इंडिया के VP के खिलाफ 15 अक्टूबर कार्रवाई पर लगाई रोक

जस्टिस जे चेलमेश्वर ने लिखा लेटर
इस बात का उल्लेख करना प्रासंगिक होगा कि शीर्ष अदालत में सर्वाधिक वरिष्ठ न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे चेलमेश्वर ने न्यायमूर्ति जोसफ का नाम केंद्र के पास अविलंब भेजने के लिये प्रधान न्यायाधीश को गुरुवार को एक खत लिखकर कॉलेजियम की बैठक बुलाने का अनुरोध किया था. सरकार ने 26 अप्रैल को न्यायमूर्ति के एम जोसफ को सर्वोच्च न्यायालय के जज के तौर पर प्रोन्नत करने की कॉलेजियम की सिफारिश पुनर्विचार के लिए लौटा दी थी. सरकार ने तब कहा था कि प्रस्ताव सर्वोच्च अदालत के मानकों के अनुरूप नहीं है और सुप्रीम कोर्ट में केरल का पर्याप्त प्रतिनिधित्व है जहां से वह आते हैं. सरकार ने सर्वोच्च अदालत के न्यायाधीश के तौर पर प्रोन्नति के लिए उनकी वरिष्ठता पर भी सवाल उठाए थे. Also Read - CBSE Compartment Exam 2020: सुप्रीम कोर्ट ने CBSE, UGC से कहा- छात्रों का कैरियर नुकसान न हो, इसके लिए उठाएं उचित कदम

हालात में नहीं आया कोई बदलाव
सुप्रीम कोर्ट के एक अधिकारी ने कहा कि गुरुवार देर शाम प्रधान न्यायाधीश को भेजे अपने खत में न्यायामूर्ति चेलमेश्वर ने कहा कि वह न्यायमूर्ति जोसफ को सुप्रीम कोर्ट में प्रमोट किए जाने के अपने फैसले को दोहरा रहे हैं क्योंकि उन परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है जब 10 जनवरी को कॉलेजियम ने सरकार के पास उनके नाम की अनुशंसा की थी. यह भी पता चला है कि कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद द्वारा प्रधान न्यायाधीश को लिखे खत में न्यायमूर्ति जोसफ की पदोन्नति को लेकर उठाई गई आपत्तियों का न्यायमूर्ति चेलमेश्वर ने अपने पत्र में क्रमवार जवाब दिया है. न्यायमूर्ति चेलमेश्वर 22 जून को सेवानिवृत्त हो रहे हैं. Also Read - सुप्रीम कोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार देश की सेक्स वर्कर्स की पहचान पूछे बिना ही...

गुरुवार को ही होनी थी बैठक 
कॉलेजियम की बैठक गुरुवार को ही होने की उम्मीद थी, लेकिन न्यायमूर्ति चेलमेश्वर छुट्टी पर थे. प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और न्यायमूर्ति चेलमेश्वर के अलावा कॉलेजियम के अन्य सदस्यों में न्यायमूर्ति रंजन गोगोई, न्यायमूर्ति एम बी लोकुर और न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ शामिल हैं. न्यायमूर्ति कुरियन जोसफ ने पिछले हफ्ते अपने केरल दौरे के दौरान कथित तौर पर यह स्पष्ट किया था कि वह उत्तराखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के मुद्दे पर कॉलेजियम की अनुशंसा दोहराने के पक्ष में हैं. हालांकि कॉलेजियम की बैठक कब होगी इसे लेकर अभी कोई आधिकारिक वक्तव्य नहीं आया है. अधिकारी ने कहा कि सीजेआई को इस बारे में तारीख तय करनी है क्योंकि केंद्र द्वारा न्यायमूर्ति जोसफ से संबंधित सिफारिश को लौटाने के मुद्दे पर चर्चा के अलावा और कोई एजेंडा नहीं है.