बैंकॉक: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने थाईलैंड के बैंकॉक में आयोजित आसियान शिखर सम्मेलन से इतर रविवार को इंडोनेशिया के राष्ट्रपति जोको विडोडो से मुलाकात की. इस दौरान दोनों नेता आतंकवाद और कट्टरवाद से मिलकर मुकाबला करने पर सहमत हुए. विदेश मंत्रालय के मुताबिक भारत और इंडोनेशिया ने रेखांकित किया कि दोनों देश समुद्री पड़ोसी हैं. दोनों नेताओं ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और समृद्धि के लिए मिलकर काम करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई.

मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मोदी ने इंडोनेशियाई राष्ट्रपति के तौर पर दूसरा कार्यकाल शुरू करने के लिए विडोडो को बधाई दी और दुनिया के दो सबसे बड़े लोकतंत्र एवं बहुलवादी समाजों के मिलकर काम करने का संदेश दिया. प्रधानमंत्री ने रक्षा, सुरक्षा, संपर्क, कारोबार और निवेश के क्षेत्र में इंडोनेशिया के साथ मिलकर काम करने की भारत की प्रतिबद्धता जताई.

बयान में कहा गया कि प्रधानमंत्री मोदी ने द्विपक्षीय संबंध बढ़ाने को लेकर चर्चा की और औषधि, वाहन तथा कृषि उत्पादों सहित भारतीय उत्पादों की इंडोनिशयाई बाजार तक पहुंच बढा़ने की जरूरत को रेखांकित किया. विदेश मंत्रालय ने बताया कि मोदी ने भारतीय कंपनियों की ओर से इंडोनेशिया में उल्लेखनीय निवेश को रेखांकित करते हुए इंडोनेशियाई कंपनियों को भी भारत में मौजूद मौकों का लाभ उठाते हुए निवेश का न्योता दिया.

मंत्रालय के मुताबिक प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति विडोडो को अगले साल पारस्परिक सुविधा के अनुसार भारत आने का न्योता दिया. उन्होंने कहा, ‘‘भारत इंडोनेशिया के साथ द्विपक्षीय संबंधों को सबसे अधिक प्राथमिकता देता है जो वृहद रणनीतिक साझेदारी साझा करते हैं.’’ उल्लेखनीय है कि इस वर्ष भारत और इंडोनेशिया राजनयिक संबंध स्थापित होने की 70वीं वर्षगांठ मना रहे हैं.

(इनपुट भाषा)