नई दिल्ली: दिल्ली में एक रैली में सेना की वर्दी पहनने को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे प्रदेश भाजपा प्रमुख मनोज तिवारी ने सोमवार को कहा कि यह वर्दी नहीं थी, बल्कि एक कमीज थी और सेना का रंग पहनना उनके लिए गर्व की बात है. उन्होंने कहा कि उनके पास ऐसी दस कमीजें हैं और वह हर सुबह सेना की कमीज पहनकर सैर के लिए जाते हैं. उन्होंने कहा कि वह जल्द ही एक रैली निकालेंगे, जिसमें सभी प्रतिभागी वर्दी पहनेंगे.

तिवारी की अपनी उत्तर पूर्व दिल्ली संसदीय सीट में शनिवार को भाजपा की बाइक रैली में सेना की तरह की कमीज पहनने को लेकर आलोचना की जा रही है.भाजपा नेता ने सोमवार को मीडियाकर्मियों से कहा, मेरे लिए सेना के रंग के कपड़े पहनना गर्व की बात है. जब भी मैं खुश होता हूं या किसी बहादुर व्यक्ति को सम्मान देना होता है तो मैं ऐसे कपड़े पहनता हूं.

सोशल मीडिया पर कई यूजर्स और तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ’ब्रायन ने तिवारी की आलोचना करते हुए उन पर सेना की वर्दी पहनकर वोट मांगने का आरोप लगाया. तिवारी ने कहा कि वह स्वतंत्रता दिवस और गणतंत्र दिवस पर अर्द्धसैन्य और सेना की शाखाओं में गए थे जहां उन्हें टोपियां और ऐसी चीजें उपहार में दी गई.

दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के मीडिया सलाहकार नागेंद्र शर्मा ने बताया कि सेना की वर्दी पहनकर तिवारी ने आईपीसी की धारा 171 के तहत एक अपराध किया है.उन्होंने रविवार को ट्वीट किया, दिल्ली भाजपा अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने सेना की वर्दी पहनकर आईपीसी की धारा 171 के तहत साफ तौर पर अपराध किया है. 2016 के पठानकोट हमले के बाद सेना ने आगाह किया था कि जो भी नागरिक उसकी वर्दी पहनेगा उसे कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा.

तिवारी ने कहा कि ऐसे लोगों ने देश की सशस्त्र सेनाओं पर सवाल भी खड़े किए हैं और देश को तोड़ने की कोशिश करने वाले लोगों की हिमायत की है. उन्होंने कहा कि जो टुकड़े-टुकड़े गिरोह के हिमायती हैं वे कह रहे हैं कि मैंने कमीज पहनकर सशस्त्र सेनाओं का अपमान किया है. ऐसे लोगों ने अपनी बातों से हमारे सैनिकों का मनोबल कम किया है.