गांधीनगर: गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कहा कि आर्थिक विकास का सहकारी मॉडल ही भारत की 130 करोड़ आबादी के सर्वांगीण और समावेशी विकास हासिल करने में उपयोगी साबित होगा. गुजरात कोऑपरेटिंग मिल्क मार्केटिंग फेडरेशन की विभिन्न परियोजनाओं का यहां उद्घाटन करने के बाद शाह ने कहा कि सहकारी मॉडल में हर किसी को समृद्ध बनाने की क्षमता है और अमूल इसका जीता जागता उदाहरण है.Also Read - UP Election 2022: तीसरे व चौथे चरण के लिए उम्मीदवारों के नाम पर BJP में मंथन, चार घंटे चली मीटिंग

पीएम मोदी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए देश की 130 करोड़ की आबादी के लिए सहकारी मॉडल को सबसे अच्छा आर्थिक मॉडल बताया था. अमित शाह ने कहा कि सभी का विकास करना और 130 करोड़ की आबादी वाले देश में इसे आगे ले जाना एक मुश्किल काम है जबकि भारत से कहीं कम आबादी वाले देशों के लिए कई अन्य आर्थिक मॉडल काम करते हैं. Also Read - UP Election 2022: आगरा में 6 उम्मीदवारों ने चुनाव के लिये नामांकन किया, एक ट्रांसजेंडर भी मैदान में

उन्होंने कहा, ‘‘कौन सा आर्थिक मॉडल इस देश की आवश्यकताओं के अनुसार उपयोगी सिद्ध होगा यह एक बड़ा मुद्दा है और कई पंडित (विद्वान) नाकाम भी हो चुके हैं. लेकिन 75 साल बाद देश ने कई नियमों को देखा, देश के प्रधानमंत्री ने गुजरात के मुख्यमंत्री पद पर रहते हुए इस मॉडल को परखा और पाया कि इतनी बड़ी आबादी वाले देश के सर्वांगीण, समावेशी विकास के लिए कोई आर्थिक मॉडल है, तो वह केवल सहकारी मॉडल है.’’ Also Read - Zee Opinion Poll: उत्तराखंड में कांग्रेस की सरकार बनती है तो क्या आप बनेंगे मुख्यमंत्री? जानें हरीश रावत का जवाब...

शाह ने कहा कि उनका मानना है कि सरकारिता के क्षेत्र में हर किसी को समृद्ध बनाने की क्षमता है. उन्होंने कहा कि अमूल इसका जीता जागता उदाहरण है कि जब 36 लाख लोग एक साथ मिलकर काम करते हैं तो क्या कुछ हासिल किया जा सकता है. इस मॉडल ने महिला सशक्तिकरण का बेहतरीन उदाहरण और सबसे सफल प्रयोग पेश किया.