तिरुवनंतपुरम: केरल में इन दिनों ओणम के त्योहार की धूम है. जाति-धर्म, अमीरी-गरीबी सभी चीजों को भूलकर लोग हर्षोल्लास के साथ इस त्योहार को एकसाथ मना रहे हैं. बुधवार को केरल के हर घर में ओणम लंच की तैयारी चल रही होगी जिसे ‘ओणम साध्या’ के नाम से जाना जाता है. यह एक पारंपरिक शाकाहारी थाली है जिसमें 26 तरह के व्यंजन शामिल होते हैं. ओणम केरल का एक पारंपरिक कृषि पर्व है. उत्सव में तीन दिनों की खास महत्ता है और बुधवार को इसका दूसरा दिन थिरू ओणम है.

 

केरल के सभी घरों में लोग साध्या का सेवन करेंगे और इसे तभी पूरा माना जाता है जब इन सभी व्यंजनों को केले के पत्ते पर सजाकर परोसा जाता है और इसे जमीन पर बैठकर हाथ से खाया जाता है. दोपहर के इस भोजन में कई लजीज पकवान शामिल होते हैं जैसे कि चिप्स, पापड़, सब्जियों से बने कई तरह के व्यंजन, मीठे और खट्टे अचार, अवियल, सांबर, दाल और उसके साथ थोड़ा सा घी, रसम, दो अलग-अलग तरह के छाछ, चटनी, पायसम इत्यादि. लोग पारंपरिक परिधानों को पहनकर साध्या थाली का सेवन करते हैं.

त्योहार में कई तरह के बदलाव आए
बुजुर्गो का कहना है कि आज के जमाने में इस त्योहार में कई तरह के बदलाव आए हैं. पहले के जमाने में इसकी तैयारी घरों में एक महीने पहले से ही शुरू हो जाती थी, उन दिनों साध्या थाली के लिए अचार वगैरह को बनाना पहले से ही प्रारंभ कर देते थे. 82 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षिका गीता नामपुथिरी ने कहा, “वह वक्त अब चला गया है और मुझे नहीं लगता कि इन सब चीजों के लिए अभी लोगों के पास उतना समय है. आज की इस भागती दुनिया में सभी चीजें आपके पास उपलब्ध है. एक कॉल कीजिए और 30 मिनट में आपके घर पर ओणम साध्या डिलीवर हो जाएगा.”

मरादु नगरपालिका के सामने एक दिन की भूड़ हड़ताल
दूसरी ओर, जहां पूरा का पूरा राज्य ओणम में व्यस्त है वहीं कोच्चि के पास मरादु के पांच फ्लैटों के 350 निवासी सुप्रीम कोर्ट के निर्देश का विरोध करने के लिए मरादु नगरपालिका के सामने एक दिन की भूड़ हड़ताल पर हैं. सुप्रीम कोर्ट का निर्देश है कि तटीय विनियमन क्षेत्र के मानदंडों का उल्लंघन करने के लिए 20 सितंबर से पहले इन पांच अपार्टमेंट्स को गिराया जाए. पाला में, जहां 23 सितंबर को महत्वपूर्ण विधानसभा उपचुनाव होना है, तीनों राजनीतिक मोर्चो के उम्मीदवारों के पास छुट्टी वक्त नहीं है और ये सभी अपने अभियान से संबंधित कामों में व्यस्त हैं.