नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल में जहां सारदा चिटफंड घोटाले को लेकर सीबीआई और राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के बीच घमासान मचा हुआ है, वहीं, राज्य की एक पूर्व आईपीएस भारती घोष ने बीजेपी ज्वाइन कर ली है. बता दें कि वह कभी मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की बेहद करीबी रह चुकी हैं. हारवर्ड से पढ़ाई करने वाली इस पूर्व आईपीएस ने सोमवार को दिल्ली में बीजेपी कार्यालय में भाजपा में शामिल हुईं हैं. इस दौरान केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद, बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय और मुकुल राय मौजूद रहे.

पश्चिम बंगाल में कभी ममता बनर्जी सरकार की करीबी समझी जाने वाली और अब आपराधिक आरोपों का सामना कर रहीं पूर्व आईपीएस अधिकारी भारती घोष सोमवार को भाजपा में शामिल हो गईं. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में लोकतंत्र की जगह ठग तंत्र ने ले ली है. घोष ने कहा, पश्चिम बंगाल में कोई लोकतंत्र नहीं है। इसकी जगह अपराध तंत्र और ठग तंत्र ने ली है.

विजयवर्गीय ने कहा कि भाजपा में उनके शामिल होने से पार्टी को मजबूती मिलेगी. सूत्रों ने बताया कि घोष को कभी बंगाल में सत्तारूढ़ पार्टी का करीबी माना जाता था,लेकिन बाद में वह पार्टी से दूर हो गईं. उनके खिलाफ एक मामला भी दर्ज है.

भारती ममता बनर्जी के बेहद करीब मानी जाती थीं और उन्हें साल 2014 में सेवा पदक दिया गया था. इसी करीबी के चलते लोकसभा 2014 के चुनाव के दौरान चुनाव आयोग ने भारती का ट्रांसफर कर दिया था. पश्चिम मिदनापुर में छह साल तक एसपी पद पर रहते हुए भारती के खिलाफ जबरन वसूली और आपराधिक षड़यंत्र के आरोप लगे और सीआईडी ने उनके खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू की थी. सीआईडी ने भारती निवास और उनके पति के बिजनेस के ठिकानों पर छापे मारे थे. उनका राज्य सरकार ने तबादला कर दिया था. इसके चलते भारती ने पिछले साल नौकरी से इस्तीफा दे दिया था.