नई दिल्ली: भारतीय वायु सेना के अनुभवी विंग कमांडर एस के शर्मा की ‘वंस देयर वाज ए कंट्री कॉल्ड पाकिस्तान’ नामक पुस्तक का विमोचन किया गया. मंगलवार को नई दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया. पाकिस्तान के नापाक ‘पुलवामा हमले’ के बाद सरकार ने भारतीय वायु सेना द्वारा बालाकोट में आतंकवादी शिविरों पर हमला कर करारा जवाब दिया. पुलवामा हमले की याद में विंग कमांडर ने इस किताब को लिखा है.

इस दौरान विंग कमांडर एस के शर्मा ने कहा, “मैं इस हमले से बुरी तरह से हिल गया था और काफी दुःख हुआ था और इस दर्द के कारण ये किताब कलमबद्ध हुई”. भारतीय वायु सेना के साथ उनके वर्षों और एक ‘एजेंसी’ के साथ कुछ वर्षों तक काम करने से उन्हें हमारे पड़ोस की वास्तविकता के करीब ला दिया था. अपनी पुस्तक के माध्यम से उनका उद्देश्य युद्ध और शांति, पूरी प्रक्रिया और रिश्तों की प्रगति की कहानी सुनाकर मनोरंजन करना है. ये भारत, पाकिस्तान, ईरान, अफगानिस्तान, बांग्लादेश, इजरायल और सऊदी अरब के लोगों से विशेष रूप से संबद्ध है.

साथ ही विंग कमांडर शर्मा कहते हैं, “मेरी पुस्तक कल्पना का काम है, कोई युद्ध का ग्रंथ नहीं है. युद्ध अध्ययन, विदेशी मामलों, राजनीति विज्ञान, लोक प्रशासन, कॉर्पोरेट रणनीति और वैश्विक अर्थव्यवस्था के छात्र सावधानी के साथ अपने-अपने निष्कर्ष निकालने के लिए स्वतंत्र हैं, लेकिन सावधानी बरतते हुए निष्कर्ष निकलने का काम करे. ये पुस्तक क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता और उसकी प्रगति के लिए भारत के एक शक्ति के रूप में उदय की एक वैकल्पिक कथा है.”

इस किताब में, उन्होंने पाकिस्तान के साथ आखिरी युद्ध और भारत के साथ उसके एकीकरण की कहानी बताई है. पुस्तक में निर्मित परिस्थितियां दोनों राष्ट्रों को सच्चाई के अंतिम क्षण का सामना करने के लिए मजबूर करती हैं और साहसिक निर्णय लेने के लिए प्रेरित करती हैं. इस किताब में बताया गया है कि राजनीतिक नेतृत्व द्वारा भारत 2025 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की क्षमता रखता है.

शर्मा के अनुसार- ये पुस्तक उन लोगों के लिए है, जो ऐसा मानते हैं कि भारत 2025 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगी. विंग कमांडर शर्मा कहते है, “यकीन मानिए ऐसा संभव है. पाकिस्तान का निर्माण निश्चित रूप से ब्रिटिश राज की गलतियों में से एक थी जिसे अब ठीक किया जाना चाहिए. यह पुस्तक अतीत की बड़ी राजनीतिक त्रुटियों को ठीक करने में मदद करने के लिए एक मार्गदर्शक के रूप में काम कर सकती है.

बता दें कि विंग कमांडर (सेवानिवृत्त) एस के शर्मा ने भारतीय वायु सेना में एयर ट्रैफिक कंट्रोलर, सिक्योरिटी ऑफिसर, इंटेलिजेंस ऑफिसर और काउंटर-इंटेलिजेंस ऑफिसर के रूप में अपनी सेवाएं दी है. उन्होंने प्रधानमंत्री के कैबिनेट सेक्रेटेरिएट में भी काम किया है, जो NSG, SSF, NTRO, R&AW और सैन्य खुफिया के साथ निकट समन्वय में काम करती है. वे प्रतिष्ठित आर्म्ड फोर्सेज सेलेक्शन बोर्ड के सदस्य और रक्षा मनोवैज्ञानिक अनुसंधान संस्थान (DIPR) में वरिष्ठ संकाय के सदस्य रह चुके हैं.