नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय और उससे संबद्ध कॉलेजों में पढ़ने वाली हर चार छात्राओं में से एक को यौन उत्पीड़न का सामना करना पड़ता है. एक छात्र संगठन की ऑडिट रिपोर्ट में यह दावा किया गया है. कांग्रेस की छात्र इकाई नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया ( एनएसयूआई ) ने सुरक्षा पर ऑडिट रिपोर्ट तैयार की है. इसमें विश्वविद्यालय के 50 विभागों और कॉलेजों को शामिल किया गया. Also Read - DU Admission 2020: सेंट स्टीफन ने जारी किया पहला कट-ऑफ, पिछले साल के मुकाबले अधिक है प्रतिशत, यहां देखें पूरी डिटेल 

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दिल्ली विश्वविद्यालय से करीब 80 कॉलेज संबद्ध है. ऑडिट रिपोर्ट गुरुवार को जारी की गई. इसके मुताबिक 50 विभागों / कॉलेजों में से 22 ने अपनी यौन उत्पीड़न रोधी पैनल-आंतरिक शिकायत समिति में लोकतांत्रिक तरीके से छात्र प्रतिनिधियों को नहीं चुनकर यूजीसी के दिशा – निर्देशों का उल्लंघन किया. Also Read - DU Admissions 2020: दिल्ली विश्वविद्यालय ने आवेदन फॉर्म में एडिट करने के लिए खोले ऑप्शन, इस डेट तक कर सकते हैं बदलाव

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ऑडिट के तहत दिल्ली विश्वविद्यालय के 24 कॉलेजों और विभागों में सर्वेक्षण किया गया. कुल 810 छात्र – छात्राओं ने सवालों के जवाब दिए. इसमें करीब 90 प्रतिशत महिलाएं और 10 प्रतिशत पुरुष थे. रिपोर्ट में कहा गया है कि हर चार छात्राओं में से एक ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की. यौन उत्पीड़न के 188 मामलों में 40 मामले शारीरिक उत्पीड़न के थे. उत्पीड़न के पांच में से एक मामला जबरदस्ती छूने या पकड़ने का था. उत्पीड़न के प्रत्येक पांच मामलों में से एक सोशल मीडिया पर ट्रोल करने या कॉल या लिखित वाट्सएप मैसेजों के जरिए उत्पीड़न का था.

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जवाब देने वाले तकरीबन 80 प्रतिशत छात्र-छात्राओं ने परिसर में असुरक्षा के लिए विश्वविद्यालय या कॉलेज प्रशासन की ओर से कदम नहीं उठाने को जिम्मेदार ठहराया. एनएययूआई की राष्ट्रीय प्रभारी रुचि गुप्ता का कहना है कि ऐसा ऑडिट आगामी दिनों में देश के अन्य नामी विश्वविद्यालयों में भी कराया जाएगा. कैंपस में महिलाओं की सुरक्षा के लिए कदम उठाने की मांग को लेकर नार्थ कैंपस में एक मई को मार्च का आयोजन किया जाएगा.