न्यूयॉर्क: रिलायंस फाउंडेशन की संस्थापक और चेयरपर्सन नीता अंबानी को न्यूयॉर्क के मेट्रोपॉलिटन म्यूजियम ऑफ आर्ट का मानद ट्रस्टी चुना गया है, जो अमेरिका का कला महाशक्ति है. मंगलवार को बोर्ड द्वारा उसके चुनाव की घोषणा करते हुए, संग्रहालय के अध्यक्ष डैनियल ब्रोडस्की ने कहा “श्रीमती अंबानी की द मेट के प्रति प्रतिबद्धता और भारत की कला और संस्कृति को संरक्षित और बढ़ावा देना वास्तव में असाधारण है. उनके समर्थन से संग्रहालय की क्षमता पर बहुत प्रभाव पड़ता है. “द मेट के नाम से लोकप्रिय यह संग्रहालय अमेरिका की एक ऐतिहासिक संस्था है. यहां दुनिया भर की कलाओं को प्रदर्शित करने वाली वस्तुओं को रखा गया है. यहां 5,000 साल पुरानी कलाओं को भी प्रदर्शित करने के लिए रखा गया है.

संग्रहालय ने एक बयान में कहा, “श्रीमती अंबानी द मेट्स इंटरनेशनल काउंसिल की सदस्य भी हैं.” साल 2017 में उन्हें द विंटर पार्टी में संग्रहालय द्वारा “कला की दुनिया में अधिक विविधता और समावेश को बढ़ावा देने वालों” की उपलब्धी से नवाजा गया था. मेट ने कहा- वह विशेष रूप से भारत की कला, संस्कृति और विरासत को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है”.

रिलायंस फाउंडेशन ने “द एलीफेंटा फेस्टिवल” और “अब्बाजी” जैसे प्रमुख सांस्कृतिक कार्यक्रमों को प्रायोजित किया है. रिलायंस फाउंडेशन ने भारत के सांस्कृतिक किंवदंतियों को पहचानने और युवा पीढ़ी के लिए उनकी प्रासंगिकता सुनिश्चित करने के मिशन में मास्टर संगीतकार उस्ताद जाकिर हुसैन का वार्षिक संगीत कार्यक्रम आयोजित किया.

संग्रहालय ने कहा कि “रिलायंस फाउंडेशन के संस्थापक और अध्यक्ष के रूप में उनकी भूमिका में श्रीमती अंबानी ने ग्रामीण परिवर्तन, स्वास्थ्य, शिक्षा, विकास के लिए खेल, आपदा प्रतिक्रिया, कला में संगठन की पहल के माध्यम से भारत भर में 34 मिलियन से अधिक लोगों के जीवन को प्रभावित किया है. फाउंडेशन के धीरूभाई अंबानी छात्रवृत्ति ने अब तक 12,000 छात्रों को उनकी पसंद के किसी भी संस्थान में स्नातक स्तर की पढ़ाई के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की है. इनमें से लगभग आधी छात्रवृत्ति लड़कियों को दी जाती है.”