नई दिल्ली: विधि आयोग ने लोकसभा एवं विधानसभा चुनाव एक साथ कराये जाने के बारे में गुरुवार को तीन विकल्पों का सुझाव दिया. आयोग ने यह भी कहा कि विभिन्न बिन्दुओं पर विचार किया जाना अभी बाकी है. इस बीच विधि आयोग ने अपनी रिपोर्ट में एक साथ चुनाव कराए जाने को सहमति दी है, लेकिन इसके लिए कुछ संविधान संशोधन जरूरी बताए हैं.

इस प्रक्रिया के बारे में अपनी मसौदा रिपोर्ट के साथ एक सार्वजनिक अपील जारी करते हुए आयोग ने कहा कि भले ही लोकसभा एवं विधानसभा चुनावों को एक साथ कराये जाने के मार्ग में विभिन्न अड़चनों पर विचार कर लिया गया है, किंतु कुछ मुद्दों पर अभी तक विचार किया जाना बाकी है. आयोग ने सभी पक्षों से इस बात पर सुझाव देने को कहा है कि एक साथ चुनाव करवाया जाना क्या किसी भी तरह लोकतंत्र, संविधान के मूलभूत ढांचे या देश की संघीय नीति के साथ छेड़छाड़ होगी.

इसी बीच, विधि आयोग ने गलत अभियोजन के पीड़ितों को मुआवजा देने के लिए कानूनी रूपरेखा बनाने की सिफारिश की है. आयोग ने कहा है कि निर्दोष लोगों के साथ हुए अन्याय का निस्तारण अधिकारों के दायरे में किया जाना चाहिए. इसे राज्य द्वारा दी जाने वाली अनुग्रह राशि के जरिये नहीं किया जाना चाहिए.

आयोग ने विधायी प्रक्रिया को स्थापित करने का आह्वान किया है. साथ ही उसने गलत अभियोजन के कारण पीड़ितों को हुई हानि एवं नुकसान का पारदर्शी, एकीकृत, प्रभावी, वहनीय और समयबद्ध उपचार के जरिये समाधान करने का सुझाव दिया है. आयोग ने कहा है कि विशेष अदालतें गठित की जाए ताकि राज्य पर गलत अभियोजन का दावा करने वाले लोगों की सुनवाई यथाशीघ्र की जा सके.