नई दिल्ली : उत्तर प्रदेश और बिहार समेत पांच राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों को राष्ट्रीय स्तर पर राशन पोर्टेबिलिटी की अनुमति मिलने के बाद अब देश के 17 राज्यों व केंद्रशासित प्रदेशों में वन नेशन वन राशन कार्ड की अवधारणा लागू हो गई है. इसके साथ ही राष्ट्रीय व अंतर- राज्यीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा 17 राज्यों व संघ शासित क्षेत्रों के लगभग 60 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को उपलब्ध होगी और वे वन नेषन, वन राशन कार्ड योजना के तहत इन राज्यों में कहीं भी उचित मूल्य की दुकान से अपना राशन ले सकते हैं. Also Read - भाई छोटी बहन संग कर रहा था 'छेड़छाड़', बहन ने गुस्से में दरांती से काट डाला...

केन्द्रीय उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण मंत्रालय राम विलास पासवान ने शुक्रवार को वन नेशन वन राशन कार्ड के अंतर्गत राष्ट्रीय क्लस्टर के साथ पांच राज्यों और संघ शासित क्षेत्रों उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, हिमाचल प्रदेश और दादर नागर हवेली तथा दमन व दीव को जोड़ने को स्वीकृति दी. Also Read - 69000 Teacher Recruitment: यूपी शिक्षक भर्ती पर रोक लगने पर बोलीं प्रियंका गांधी- एक बार फिर युवाओं के सपनों पर ग्रहण लग गया

राष्ट्रीय क्लस्टर से 12 राज्य आंध्र प्रदेश, गोवा, गुजरात, हरियाणा, झारखंड, केरल, कर्नाटक, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान, तेलंगाना और त्रिपुरा पहले ही जुड़ चुके हैं. इस प्रकार, वन नेशन वन राशन कार्ड योजना के अंतर्गत राशन कार्ड की राष्ट्रीय स्तर पर पोर्टेबिलिटी के कार्यान्वयन की प्रगति की समीक्षा करते हुए पासवान ने राष्ट्रीय क्लस्टर के साथ इन पांच नए राज्यों- संघ शासित क्षेत्रों की अपेक्षित तकनीक तैयारियों का जायजा लिया. Also Read - मामूली घरेलू विवाद में पिता को आया इतना गुस्सा कि दोस्त के साथ तीन बेटियों को नदी के पास ले जाकर....! तलाश जारी

मंत्रालय की ओर से एक बयान में कहा गया कि इसके साथ ही राष्ट्रीय व अंतर- राज्यीय पोर्टेबिलिटी की सुविधा 17 राज्यों व संघ शासित क्षेत्रों के लगभग 60 करोड़ एनएफएसए लाभार्थियों को उपलब्ध होगी और वे एक राष्ट्र, एक राशन कार्ड योजना के अंतर्गत अपने समान मौजूदा राशन के उपयोग से इन 17 राज्यों व संघ शासित क्षेत्रों में किसी भी स्थान पर अपनी पसंद की उचित मूल्य वाली दुकान (एफपीएस) से अपने हक का राशन खरीद सकते हैं.