श्रीनगर: दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में लंबी मुठभेड़ के बाद सुरक्षा बलों की घेराबंदी से तीन आतंकवादी भागने में कामयाब रहे, वहीं मुठभेड़ में एक जवान शहीद हो गया जबकि दोनों ओर से हुई गोलीबारी की चपेट में आने से चार स्थानीय नागरिकों की मौत हो गई. पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवाददाताओं को बताया कि पाकिस्तान स्थित आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े हुए तीन स्थानीय आतंकवादियों के खुदवानी इलाके में एक घर में होने के बाबत पुख्ता खुफिया जानकारी मिली जिसके बाद मंगलवार रात 10 बजे इलाके की घेराबंदी की गई.

सुरक्षा बलों को शुरू में तब झटका लगा जब जवान सप्पर सदा गुनकारा राव (24) जख्मी हो गए और उन्हें यहां सेना के अस्पताल में भर्ती कराया गया. राव का ताल्लुक आंध्र प्रदेश से था और उन्होंने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. उन्होंने कहा कि इस बीच, उस घर के बाहर गोलीबारी जारी थी जहां आतंकवादियों को घेरा गया था और गोलियां हर दिशा में जा रही थी. यह घर झेलम नदी के किनारे पर बसा था और स्थानीय लोग नदी की दूसरी तरफ जमा होने लगे.

अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय नागरिकों से बार-बार इलाके से हटने की गुजारिश की गई क्योंकि वे गोलीबारी की जद में आने वाले इलाके में थे लेकिन लोगों ने चेतावनी पर ध्यान नहीं दिया और चार लोगों की मौत हो गई. तीन मृतकों की पहचान हुई है जिनके नाम सरजील अहमद (25), फैसल इलाही (14) और बिलाल अहमद तंत्रे (16) है. चौथे व्यक्ति की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है.

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि दोनों ओर से हुई गोलीबारी में आम लोगों की मौत के बाद अभियान को कुछ वक्त के लिए रोका गया ताकि पुलिस और सीआरपीएफ नदी के पार जमा हुई भीड़ को तितर-बितर कर सकें. पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तीन आतंकवादी बच निकलने में कामयाब रहे.

आम नागरिकों की मौत की खबर फैलते ही बारामूला, बांदीपुरा और सोपोर समेत उत्तर कश्मीर के कई इलाकों में प्रदर्शन होने लगे. प्रदर्शनकारियों के पथराव में बारामूला के एसएचओ समेत कई सुरक्षा कर्मी जख्मी हो गए. मुख्य विपक्षी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस ने ट्वीट किया कि यह मुठभेड़ भारी पड़ी क्योंकि इसमें आम लोगों और सेना के कर्मी की मौत हुई है. जम्मू कश्मीर की सीएम महबूबा मुफ्ती ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि जम्मू कश्मीर को हिंसा के दुष्चक्र से बाहर निकालने के लिए तत्काल एक साथ आने की जरूरत है.

(इनुपट: पीटीआई)