श्रीनगर: कश्मीर घाटी में एक आंतकवादी ने मंगलवार को सुरक्षा बलों के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया और अपने परिवार के पास लौट गया. कश्मीर जोन पुलिस ने ट्वीट किया, ”समुदाय की मदद से एक और हिंसा का मार्ग छोड़ कर अपने परिवार के पास लौट आया.” सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आत्मसमर्पण करने वाले आतंकवादी की जानकारी गोपनीय रखी गई है.

बता दें पुलिस ने पिछले साल घोषणा की थी कि वह मुठभेड़ के दौरान भी स्थानीय आंतकवादियों के आत्मसमर्पण की पेशकश को मंजूर करेगी. घोषणा के बाद से कश्मीर में 12 से अधिक आंतकवादी हथियार छोड़ चुके हैं. अधिकतर आतंकवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़ने और घर लौटने की परिजनों की अपील पर आत्मसमर्पण किया है.

23 जुलाई को एक आतंकवादी गिरफ्तार
जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा जिले में बीते 23 जुलाई को तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षाबलों ने हथियारबंद आतंकवादी को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने आतंकवादी की पहचान वकार मलिक के रूप में की है, जिनके पास एके-47 राइफल और गोला बारूद था. राष्ट्रीय राइफल्स, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल और राज्य की पुलिस बलों द्वारा हमपोरा गांव में यह तलाशी अभियान शुरू किया गया था.

दो दिन पहले  कान्सटेबल की हत्या करने वाले 3 आतंकी ढेर
जम्मू एवं कश्मीर में एक प्रशिक्षु पुलिस कान्सटेबल को 21 जुलाई को यातना देने के बाद उसकी हत्या करने वाले 3 आतंकवादियों को सुरक्षा बलों ने बीते रविवार को कुलगाम जिले में एक मुठभेड़ में मार गिराया था. एक पुलिस बयान के अनुसार, सुरक्षा बलों के प्रयासों के परिणामस्वरूप शनिवार को कान्स्टेबल मुहम्मद सलीम के अपहरण और हत्या में शामिल मुख्य आरोपी को खत्म कर दिया गया.

सलीम कठुआ पुलिस प्रशिक्षण स्कूल से छुट्टी पर घर आए थे. सुरक्षा बलों ने कुलगाम के रेड़वानी इलाके में घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया था. सुरक्षा बलों की घेराबंदी के कड़ी होते ही छिपे हुए आतंकवादियों ने गोलीबारी शुरू कर दी थी. मुठभेड़ में तीन आतंकवादी ढेर हो गए थे. मारे गए आतंकवादियों की पहचान पाकिस्तानी नागरिक मुआविया, रेड़वानी बला के सुहेल अहमद डार और कतारसू के मुदस्सर उर्फ रहान के रूप में हुई है.

मारे गए आतंकी लश्कर-हिजबुल से जुड़े थे
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मारे गए आतंकवादी लश्कर-ए-तैयबा (एलईटी) और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े थे. पुलिस बयान के अनुसार, “मुआविया की कई नागरिकों की हत्याओं में भागीदारी रही थी. सुहेल स्कूल छोड़ने के बाद श्रमिक के रूप में काम कर रहा था और बाद में एक आतंकवादी संगठन में शामिल हो गया था.” इस अभियान में पुलिस, सेना और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल शामिल थे. घटनास्थल से हथियार और गोला-बारूद व एक छोटी स्वचालित राइफल भी बरामद की गई थी. (इनपुट- एजेंसी)