अगरतला: ओएनजीसी की त्रिपुरा पॉवर कॉरपोरेशन (ओटीपीसी) के उपाध्यक्ष सहित पांच शीर्ष अधिकारियों को ‘अनिवार्य अवकाश’ पर भेज दिया गया है. यह कदम कंपनी की पूर्व कर्मचारी द्वारा यौन उत्पीड़न की शिकायत लगाए जाने के बाद उठाया गया है. पूर्व अधिकारी ने ओटीपीसी में 2013 से 2016 तक कार्य किया और इसके बाद स्वैच्छिक सेवा निवृत्ति ले ली थी. ”सभी पांच अधिकारियों से कहा गया है कि वे प्रदेश छोड़कर कहीं ना जाएं. उनके अब ओटीपीसी कार्यालय परिसर में प्रवेश करने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. Also Read - Video: कमल हासन ने 16 साल की रेखा को किया था जबरन Kiss, डायरेक्ट ने कहा था आंखें बंद करो और....

ओटीपीसी के एक अधिकारी ने बताया, ”एक पूर्व महिला कर्मचारी द्वारा शिकायत किए जाने के बाद उच्च स्तरीय जांच शुरू कर दी गई है. उपाध्यक्ष और वरिष्ठ प्रबंधक सहित सभी पांच अधिकारियों को अनिवार्य अवकाश पर भेज दिया गया है.” Also Read - डोनाल्ड ट्रम्प से 'रेपिस्ट' हार्वी वीन्सटीन पर कही ये बड़ी बात, बोले-वो हिलरी क्लिंटन को पसंद था

अधिकारी ने बताया कि एक महिला कार्यकारी अधिकारी की अध्यक्षता में मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति बनाई गई है. Also Read - 9 से 12 की उम्र तक म्‍यूजिक टीचर ने किया था यौन उत्‍पीड़न, 10 साल बाद US से लौटी लड़की ने की FIR

गोमती जिले के काकराबोन पुलिस थाना क्षेत्र में पलटाना में ओटीपीसी का 726 मेगावाट वाला ताप बिजली संयंत्र है,जिससे पूरे पूर्वोत्तर को और बांग्लादेश को बिजली की आपूर्ति होती है.

गोमती जिले के एडिशनल एसपी नवदीप जमतिया ने बताया कि महिला ने इस महीने के आरंभ में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद कंपनी को मामले से अवगत कराया गया था. उन्होंने बताया, ”हमने अधिकारियों को एक पत्र जारी किया था, जिसमें कहा गया था कि यदि आरोपी अधिकारियों को उनके पद से नहीं हटाया गया तो वे जांच को प्रभावित कर सकते हैं. एडिशनल एसपी ने बताया कि मामले की जांच चल रही है और गवाहों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं.

मामले का विवरण बताते हुए काकराबोन पुलिस थाने के प्रभारी अधिकारी नारू गोपाल देब ने बताया कि जिला एसपी को 3 नवंबर को शिकायत भेजी गई थी, जिसके बाद उन्हें मामले की औपचारिक तौर पर जांच करने के लिए कहा गया.