नई दिल्ली: देशभर में हुई भारी बारिश के कारण प्याज की कीमतों ने आसमान छूना शुरू कर दिया है. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार इस समय कुछ जगहों पर प्याज का खुदरा भाव 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गया है. गुरुवार को एशिया में प्याज की सबसे बड़ी मंडी नासिक में एक दिन में इसके दाम में 10 रुपये की बढ़ोतरी हुई.

देश के सबसे बड़े थोक बाजार नासिक के लासलगांव एपीएमसी में थोक में प्याज की औसत कीमत चार साल के उच्च स्तर पर है. गुरुवार को इसके भाव में 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी हुई. शाम में प्याज की औसत थोक कीमत 4,500 रुपये प्रति क्विंटल थी. एपीएमसी के सूत्रों ने कहा कि दक्षिण भारत के उन राज्यों में प्याज की कमी है, जहां प्याज की खेती की जाती है. यही वजह है कि दक्षिण भारत के कई राज्यों में प्याज की अधिक मांग है. ताजा खरीफ की फसल अभी भी तैयार नहीं है और इसे काटे जाने में कुछ समय लगेगा.

एपीएमसी के सूत्रों ने कहा कि दक्षिण भारतीय राज्यों से प्याज आने में 15-20 दिन लगेंगे. इसके बाद ही स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है. प्याज व्यापारी मनोज जैन ने कहा कि किसानों ने अपने प्याज के अधिकांश स्टॉक बेच दिया है. यही कारण है कि बाजार में घबराहट का माहौल है. दो दिन पहले खाद्य और उपभोक्ता मंत्रालय की ओर से जारी आंकड़ों के मुताबिक, महानगरों जैसे- चेन्नई में प्याज 34 रुपये प्रति किलोग्राम, मुंबई में 43 रुपये प्रति किलोग्राम, दिल्ली में 44 रुपये प्रति किलोग्राम और कोलकाता में 45 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा है. देश के कुछ हिस्सों में, गुणवत्ता और स्थानीयता के आधार पर प्याज 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक बिक रहा था.