नई दिल्ली: दिल्ली में कोरोना वायरस से संक्रमण के मामलों और मृत्यु दर में वृद्धि होने के बीच नगर में गुरुवार को वेंटिलेटर से लैस उपलब्ध गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) बेड की संख्या घटकर 205 रह गई है, वहीं, कम से कम 60 अस्पतालों में कोई बेड खाली नहीं है. Also Read - स्वास्थ्य कर्मियों को लगने वाले टीके TMC कार्यकर्ताओं ने लगवाए इसी वजह से वैक्सीन की कमी हुई: दिलीप घोष

दिल्ली सरकार के ‘ऑनलाइन कोरोना डैशबोर्ड’ के अनुसार बृहस्पतिवार शाम 5.10 बजे, शहर में वेंटिलेटर वाले 205 कोविड आइसीयू बेड खाली थे. जिन अस्पतालों में कोई स्थान खाली नहीं है, उनमें बेस अस्पताल दिल्ली कैंट, उत्तर रेलवे अस्पताल, सर गंगाराम अस्पताल, बत्रा अस्पताल, विम्हांस और इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल शामिल हैं. Also Read - 26 जनवरी को परेड निकालेंगे प्रदर्शनकारी किसान, बोले- आंदोलन का समर्थन करने वालों के खिलाफ मामले दर्ज कर रही NIA

संक्रमण के 5,246 नए मामले दर्ज
राष्ट्रीय राजधानी में बुधवार को संक्रमण के 5,246 नए मामले दर्ज किए गए. इस बीच तापमान में कमी होने तथा हवा की गुणवत्ता खराब होने से श्वसन संबंधी बीमारियों के बढ़ने की आशंका है. Also Read - Vaccination Suspended in Maharashtra: महाराष्ट्र में भी रोका गया कोविड-19 वैक्सीनेशन प्रोग्राम, जानें अब वैक्सीन लगेगी या नहीं..?

1359 आईसीयू बेड सहित 2080 बेड बढ़ाए
दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने गुरुवार को कहा कि शहर में कोविड​​-19 मरीजों के लिए बेडों की संख्या 9 से 26 नवंबर के बीच 16,172 से बढ़कर 18,252 हो गई है. मंत्री ने ट्विटर पर कहा, “पिछले 15 दिनों में दिल्ली के अस्पतालों में कोविड मरीजों के लिए 1359 आईसीयू बेड सहित 2080 बेड बढ़ाए गए हैं.”

211 आईसीयू बेड बढ़ाए गए
ट्वीट में दिए गए आंकड़ों के अनुसार वेंटिलेटर के साथ 211 आईसीयू बेड बढ़ाए गए हैं और इस तरह के बेडों की कुल संख्या 1,264 से बढ़कर 1,475 हो गई है.

100 से अधिक अस्पतालों में कम से कम 30 में 5 से कम खाली बेड हैं
देश की राजधानी में कोरोना का इलाज मुहैया कराने वाले 100 से अधिक अस्पतालों में कम से कम 30 में पांच से कम खाली बेड हैं. इनमें लोक नायक अस्पताल, राम मनोहर लोहिया अस्पताल, दीप चंद बंधु और मैक्स स्मार्ट गूजरमल मोदी अस्पताल शामिल हैं. विशेषज्ञों के अनुसार दिल्‍ली में कोविड​​-19 मरीजों की मौतों में वृद्धि के लिए आईसीयू बेड की कमी प्रमुख कारणों में से एक है.