Deaths due to Oxygen Shortage: केंद्र सरकार ने शुक्रवार को संसद (Parliament) में बताया कि ऑक्सीजन की कमी (Oxygen Shortage) के चलते सिर्फ पंजाब (Punjab) में ही चार कोविड-19 मरीजों की मौत हुई है. केंद्रीय स्वसाथ्य मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया (Dr. Mansukh Mandaviya) ने लोकसभा (Loks Sabha) में प्रश्नकाल के दौरान बताया कि उन्होंने सभी राज्यों को चिट्ठी लिखकर इस संबंध में जानकारी मांगी थी. डॉ. मंडाविया ने बताया कि सिर्फ पंजाब सरकार ने जानकारी दी की संदिग्ध तौर पर ऑक्सीजन की कमी के चलते सिर्फ चार लोगों की मौत हुई है. बता दें कि कोरोना की दूसरी लहर (Second Wave of Corona) के दौरान जब संक्रमण तेजी से फैला तो कई लोगों को अस्पतालों में भर्ती करवाने की जरूरत पड़ी और उनमें ऑक्सीजन का स्तर गिरने लगा था. ऐसे में देश के कई राज्यों से ऑक्सीजन की कमी की खबरें आने लगीं और कहा जाने लगा कि ऑक्सीजन की कमी के चलते लोग मर रहे हैं. अब Omicron के चलते एक बार फिर Lockdown का खतरा है और दक्षिण अफ्रीका (South Africa) से मिल रहे आंकड़ों के मुताबिक यह भारत में दूसरी लहर लाने वाले डेल्टा वेरिएंट (Delta Variant of Corona) से ज्यादा संक्रामक है.Also Read - Republic Day 2022: अगर LIVE नहीं देख पाए तो यहां तस्वीरों में देखें अपने राज्य की झांकी

ऑक्सीजन की कमी देश-दुनिया में सुर्खयां बनी थी. कई देशों ने भारत को ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दिए थे, ताकि ऑक्सीजन की कमी के कारण लोगों को जान न गंवानी पड़े और देश कोरोना की दूसरी लहर पर काबू पा सके. भारत को विदेशों से ऑक्सीजन सिलेंडर और ऑक्सीजन प्लांट लगाने के लिए भी मदद मिली थी. Also Read - दूसरी बार कोरोना पॉजिटिव हुए Chiranjeevi, बोले- जो मेरे टच में आए वो टेस्ट कराएं

गौरतलब है कि कांग्रेस लंबे समय से कोविड-19 के कारण मरने वालों का सही और ठोस आंकड़ा बताने के लिए सरकार पर दबाव डाल रही है. विपक्षी दलों का आरोप रहा है कि देश में कोरोना की दूसरी लहर के दौरान काफी ज्यादा मौतें ऑक्सीजन की कमी के कारण हुईं और वह इसके लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हैं. कांग्रेस ने संसद का शीतकालीन सत्र शुरू होने से पहले भी कहा था कि वह इस महामारी के कारण मरने वाले लोगों के परिवारों को चार लाख रुपये मुआवजा दिलाने के लिए प्रयास करेगी. Also Read - Omicron: त्वचा पर 21 घंटे तक जिंदा रहता है कोरोना का ओमीक्रोन वेरिएंट, हैंड हाइजीन सबसे जरूरी

पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘कोविड के कारण मरने वाले परिवारों की कहानी सच है, उनका दर्द और उनकी पीड़ा भी सच है. सरकार के आंकड़े गलत हैं. सच्चे आंकड़े बताने होंगे और चार लाख रुपये मुआवजा देना होगा.’’ एक वीडियो में उन्होंने कहा कि गुजरात मॉडल पर काफी चर्चा होती है लेकिन ‘‘जिन परिवारों से हमने चर्चा की उन्होंने कहा कि उन्हें न तो अस्पतालों में बिस्तर मिला, न ही ऑक्सीजन या वेंटिलेटर.’’

Omicron के खतरे को देखते हुए बूस्टर डोज की मांग
देश में विपक्षी नेताओं कोविड-19 से निपटने की केंद्र सरकार की तैयारियों और तरीकों को नाकाफी बताया है. विपक्ष ने कोरोना टीके के आवंटन में भाजपा शासित राज्यों का पक्ष लेने का आरोप लगाया तथा वायरस के नए ‘ओमीक्रोन’ स्वरूप को लेकर सतर्कता बरतने को कहा है. विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को कब से टीके लगने शुरू होंगे एवं कोविड टीके की बूस्टर या तीसरी खुराक पर सरकार की क्या नीति है?

शिवसेना के विनायक राउत ने कहा कि केंद्र सरकार ने महामारी के दौरान राज्यों को आवश्यकतानुसार वेंटिलेटर और पीएसए संयंत्र प्रदान करने का आश्वासन दिया, लेकिन दुर्भाग्य की बात है कि पीएम केयर्स निधि के तहत दिए गए 60 प्रतिशत से अधिक वेंटिलेटर काम नहीं आए. उन्होंने कहा कि ऐसे ठेकेदारों और आपूर्तिकर्ता एजेंसियों पर कार्रवाई की जानी चाहिए.

(इनपुट – पीटीआई)