भारत कोई धर्मशाला नहीं है... घुसपैठिए रोए या चिल्लाए, उन्हें बाहर निकालकर रहेंगे- अमित शाह
अमित शाह ने कहा कि BJP सरकार की नीति स्पष्ट है. जो लोग कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए भारत आते हैं, उनका स्वागत है, लेकिन अवैध तरीके से देश में रहने वालों के लिए कोई जगह नहीं है.
गृह मंत्री अमित शाह ने महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ये बातें कही. (ANI)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अवैध घुसपैठ के मुद्दे पर कांग्रेस पर तीखा हमला बोला है. शाह ने कहा, "भारत कोई धर्मशाला नहीं है, जहां दुनिया भर से लोग आकर बस जाएं. देश में रह रहे अवैध घुसपैठियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उन्हें बाहर निकाला जाएगा. इस देश में बस वही रहेंगे, जिन्होंने यहां जन्म लिया है."
गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार (20 जून 2026) को महाराष्ट्र के कोल्हापुर में ये बातें कही. शाह ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और देश की जनसांख्यिकीय संरचना की रक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है. उनके मुताबिक, अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने वाले लोगों को न केवल मतदाता सूची से हटाया जाएगा, बल्कि उन्हें देश से भी बाहर किया जाएगा. अमित शाह ने दावा किया कि BJP सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है.
कांग्रेस पर लगाया तुष्टिकरण की राजनीति का आरोप
गृह मंत्री ने कांग्रेस पर तुष्टिकरण की राजनीति करने का आरोप लगाया. शाह ने कहा, "कांग्रेस ने वर्षों तक वोट बैंक की राजनीति के कारण घुसपैठ के मुद्दे को नजरअंदाज किया. अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई करने में कांग्रेस कभी गंभीर नहीं रही, क्योंकि उसे अपने राजनीतिक हितों की चिंता थी."
देश की सीमाओं की सुरक्षा सरकार की जिम्मेदारी
अपने संबोधन में शाह ने कहा कि देश की सीमाओं की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए घुसपैठ पर रोक लगाना जरूरी है. उन्होंने भरोसा जताया कि जिस तरह सरकार ने कई सुरक्षा चुनौतियों से निपटा है, उसी तरह अवैध घुसपैठ की समस्या का भी समाधान किया जाएगा.
BJP की राजनीतिक रणनीति
गृह मंत्री के इस बयान को आगामी चुनावों और घुसपैठ के मुद्दे पर BJP की राजनीतिक रणनीति से भी जोड़कर देखा जा रहा है. BJP लंबे समय से अवैध घुसपैठ को राष्ट्रीय सुरक्षा और संसाधनों पर दबाव से जुड़ा मुद्दा बताती रही है, जबकि विपक्ष इस मुद्दे पर सरकार के रुख की आलोचना करता रहा है.
अमित शाह के इस बयान के बाद घुसपैठ, नागरिकता और सीमा सुरक्षा का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है. सरकार का कहना है कि अवैध प्रवासियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी, जबकि विपक्ष इसे राजनीतिक ध्रुवीकरण का प्रयास बता रहा है.
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