नई दिल्ली. महंगे तेल से जूझ रहे भारत को ओपेक (OPEC) ने शांत करने की पहल की है. अपने सबसे बड़े ग्राहक के डर को भगाने के लिए OPEC ने आश्वासन दिया है. OPEC सेक्रेटरी-जनरल मोहम्मद बरकिंडो ने कहा है कि यह कोई खतरे की घंटी नहीं है औ जल्द ही वे इस समस्या से निपट लेंगे. इसके लिए उन्होंने एक योजना का भी जिक्र किया है.

मोहम्मद बरकिंडो ने आगे कहा, भारत ने तेल बाजार की स्थिति को लेकर एक चिट्ठी भेजी थी. पर्याप्त आपूर्ति के लिए जोर देने के बावजूद उसने इस ओर स्पष्ट रूप से ध्यान नहीं दिया कि OPEC को कितने प्रोडक्शन पर विचार करना चाहिए या कितने प्रोडक्शन के लिए वह उपलब्ध है.

क्षमता के साथ तैयार
ओपेक देश और उसके गठबंधन ने अपनी आश्वासन दिया है कि वह क्षमता के अनुरुप तैयार है और चाहता है बाजार को जितनी आपूर्ति की जरूरत है वह उसके लिए उन्हें सुनिश्चित करा सकेगा. ये बातें बर्किंडो ने लंदन में आयोजित Oil and Money कॉन्फ्रेंस में कही. उन्होंने कहा कि ग्रुप ग्राहकों के डर को शांत करना चाहता है. इसके लिए वह भारत से आने वाले 17 अक्टूबर को बात भी करेंगे.

अमेरिकी प्रतिबंध का असर
बता दें कि अमेरिका के द्वारा ईरान पर प्रतिबंध लगाने के बाद इस महीने की शुरुआत में क्रूड ऑयल चार साल के अपने अधिकतम स्तर पर पहुंच गया है. दूसरी तरफ वेनेजुएला स्थायी रूप से सप्लाई के नुकसान पर है. ऐसे में भारत जैसा देश जो पहले से रुपये की गिरती स्थिति और दूसरे व्यापारिक विवाद से परेशान है कि लिए बड़ी चुनौती खड़ी हो रही है.

सऊदी कर रहा है प्रयास
पेट्रोल निर्यात करने वाला देश सऊदी अरब और रूस ने इशारा किया है कि वे अपने घाटे को कम करने का प्रयास करेंगे और 1 मिलियन बैरल एक दिन में ज्यादा पंपिंग करने की कोशिश करेंगे, जिससे उनके जून के डील से बेहतर व्यापारिक मुनाफा हो. लेकिन व्यापारी डरे हुए हैं कि सऊदी तेजी से कोई निर्णय नहीं ले रहा है या फिर उसके पास इससे निपटने की क्षमता नहीं है.