Online Gaming Bill 2025: ‘प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025’ अब आधिकारिक तौर पर कानून बन गया है, शुक्रवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने इस विधेयक को अपनी मंजूरी दे दी. लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद प्रमोशन एंड रेगुलेशन ऑफ ऑनलाइन गेमिंग बिल को मंजूरी को लिए राष्ट्रपति के पास भेजा गया था, जिसे अब मंजूरी मिलने के बाद कानून में तब्दील कर दिया गया है. इसके तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग सेवाओं पर पूरी तरह से प्रतिबंध लग जाएगा. अब नए कानून के तहत ऑनलाइन मनी गेमिंग का संचालन करना गैरकानूनी माना जाएगा. अगर कोई इसके नियमों का उल्लंघन करता है तो उसे तीन साल तक की जेल और 1 करोड़ रुपये तक जुर्माना हो सकता है.
प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने पर भी मिलेगी सजा
मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इसके अलावा, ऐसे प्लेटफॉर्म्स का प्रचार करने पर दो साल तक की सजा और 50 लाख रुपये का जुर्माना लग सकता है. केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने संसद में बताया कि लाखों लोग ऑनलाइन मनी गेमिंग के चक्कर में अपनी सारी जमा पूंजी गंवा चुके हैं. सरकार के आंकड़ों के मुताबिक, 450 मिलियन यानी 45 करोड़ से ज्यादा खिलाड़ी ऑनलाइन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स पर 20,000 करोड़ रुपये से अधिक नुकसान में हैं. इसलिए इस बिल के द्वारा सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का प्रयास किया जा रहा है.
31,000 करोड़ रुपये की गेमिंग इंडस्ट्री
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस बिल को भारत में गेमिंग, इनोवेशन और क्रिएटिविटी को बढ़ावा देने वाला बताया. उन्होंने कहा कि यह बिल ई-स्पोर्ट्स और ऑनलाइन सोशल गेम्स को प्रोत्साहित करेगा, लेकिन साथ ही समाज को ऑनलाइन मनी गेम्स के नुकसान से भी बचाएगा. हालांकि, उद्योग जगत इस बिल को लेते हुए काफी निराश है. भारत की 31,000 करोड़ रुपये की गेमिंग इंडस्ट्री के प्रतिनिधियों का मानना है कि इस बिल का अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ेगा. वे कहते हैं कि इससे वैध और अनुपालन करने वाली भारतीय कंपनियां प्रभावित होंगी, जबकि विदेशी ऑपरेटरों को फायदा मिलेगा. बिल के पारित होने के बाद कई लोकप्रिय गेमिंग प्लेटफॉर्म्स जैसे Dream11 और WinZO ने अपना संचालन बंद करने की घोषणा कर दी है.
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