सूडान में फंसे भारतीयों को लेकर पहला विमान आज तड़के पांच बजे तिरुअनंतपुरम पहुंच गया। भारतीयों को निकालने के लिए चल रहा ऑपरेशन संकट मोचन और पूरे ऑपरेशन का नेतृत्व विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह कर रहे हैं। वायुसेना के दो सी-17 विमान से भारतीयों को निकाला गया है। दोनों विमान तिरुअनंतपुरम से सुबह 10 बजे दिल्ली पहुंचेंगे।

बता दे कि इससे पहले विदेश मंत्रालय ने गुरुवार को बताया कि दोनों विमान पहले तिरुवनंतपुरम जाएंगे, फिर वहां से दिल्ली आएंगे। वी. के. सिंह गुरुवार को विदेश मंत्रालय में आर्थिक मामलों के सचिव अमर सिन्हा और संयुक्त सचिव सतबीर सिंह के साथ दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा पहुंचे।

दक्षिण सूडान में पिछले हफ्ते से विद्रोहियों और सेना के बीच भीषण लड़ाई हो रही है. हिंसा की वजह से 36 हजार लोगों ने संयुक्त राष्ट्र मिशन में शरण ले रखी है। बता दें कि दक्षिणी सूडान में तकरीबन 600 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 450 नागरिक राजधानी जुबा में ही हैं। हालांकि 600 भारतीय नागरिकों में से सिर्फ 300 लोगों ने स्वदेश वापसी की इच्छा जाहिर की है। यह भी पढ़े-ऑपरेशन संकटमोचन: सूडान में फंसे भारतीयों को ‘एयरलिफ्ट’ करने के लिए रवाना हुए जनरल वीके सिंह

विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने बताया है कि पूरा अभियान विदेश मंत्री सुषमा स्वराज की देखरेख में संचालित हो रहा है। सुषमा ने दक्षिणी सूडान में स्थिति पर नजर रखने के लिए एक उच्च स्तरीय कार्य बल का गठन किया है।

दक्षिण सूडान के राष्ट्रपति साल्वा कीर ने सोमवार शाम को सरकारी बलों और उपराष्ट्रपति रीक मचार के प्रति निष्ठावान सुरक्षाबलों के बीच कई दिनों से चल रही भारी गोलीबारी के बाद संघर्षविराम के आदेश दिए थे। सूचना मंत्री माइकल माकुए ने टेलीविजन भाषण में कहा कि राष्ट्रपति कीर ने सभी कमांडरों को संघर्षविराम, अपने सुरक्षा बलों को नियंत्रित करने और नागरिकों को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए हैं।

संघर्षविराम सोमवार शाम छह बजे से प्रभावी हुआ. दक्षिणी सूडान में ताजा हिंसा सात जुलाई को जुबा में किर के आवास के बाहर हुई गोलीबारी के कारण शुरू हुई। गोलीबारी के समय किर अपने आवास पर माचार के साथ बैठक कर रहे थे।

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, संघर्ष के कारण दक्षिणी सूडान में अब तक 36,000 लोग अपने घर छोड़कर भागने पर मजबूर हुए हैं। दक्षिणी सूडान में स्थित विभिन्न देशों के दूतावास और मदद संस्थाएं संघर्ष शुरू होने के बाद से अपने-अपने कर्मचारियों को सूडान से बाहर निकालने में लगी हुई हैं।

समाचार चैनल फॉक्स न्यूज पर बुधवार को प्रसारित खबर के अनुसार, अफ्रीका में मौजूद अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने जुबा में रह रहे अमेरिकी नागरिकों को वहां से सुरक्षित निकालने के लिए 40 अतिरिक्त सैनिक भेजे हैं।

गौरतलब है कि दक्षिणी सूडान में तकरीबन 600 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 450 नागरिक राजधानी जुबा में ही हैं। हालांकि 600 भारतीय नागरिकों में से सिर्फ 300 लोगों ने स्वदेश वापसी की इच्छा जाहिर की है।