तिरुवनंतपुरम: केरल सचिवालय के उत्तरी ब्लॉक स्थित प्रोटोकॉल विभाग में मंगलवार की शाम को आग लग गई. अग्निशमन एवं बचाव विभाग के सूत्रों ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है. खबरों के मुताबिक विभाग को शाम करीब पौने पांच बजे आग लगने की सूचना मिली और तत्काल अग्निशमन वाहन मौके पर भेजे गए. Also Read - केरल, पश्चिम बंगाल से अरेस्‍ट अलकायदा आतंकियों का ये था प्‍लान, पाक हैंडलर से मिल रहे थे आदेश

सचिवालय में रखरखाव प्रकोष्ठ के अतिरिक्त सचिव पी हनी ने कहा कि एक कंप्यूटर में शॉर्ट सर्किट होने के कारण आग लगने का संदेह है, जिसे बुझा दिया गया है. सचिवालय में लगी इस आग के बाद विपक्ष ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. विपक्षी दलों के सदस्य ने आरोप लगाया कि यह घटना सोने की तस्करी के मामले में सबूतों को नष्ट करने की साजिश थी. Also Read - दिल्ली को दहलाने की साजिश नाकाम, NIA ने पश्चिम बंगाल और केरल से अल-कायदा के 9 आतंकियों को किया गिरफ्तार

बता दें कि एक अधिकारी ने एक न्यूज चैनल से कहा कि कोई भी महत्वूपर्ण फाइल नष्ट नहीं हुई है. वे सभी सुरक्षित हैं. हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ है. ज्ञात हो कि सचिवालय में आग की घटना सोने की तस्करी के मामले में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) द्वारा सहायक प्रोटोकॉल अधिकारी एमएस हरिकृष्णन को बुलाए जाने के ठीक एक दिन पहले हुई है. Also Read - राहुल गांधी ने केरल के बीजेपी नेता की मदद के लिए कुछ ऐसा, कांग्रेस में ही हड़कंप

आग की घटना के तुरंत बाद, भाजपा और कांग्रेस सहित विपक्षी सदस्यों ने सचिवालय के बाहर विरोध प्रदर्शन किया और आरोप लगाया कि आग सोना तस्करी मामले में सबूत नष्ट करने की साजिश थी. केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता रमेश चेन्निथला ने मामले में उचित जांच की मांग की. उन्होंने कहा, “सोने की तस्करी के मामले में बहुत महत्वपूर्ण फाइलें पूरी तरह से नष्ट हो गई हैं. कोई बैकअप फाइल उपलब्ध नहीं है. यह एक संदिग्ध मामला है. मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन इसके लिए जिम्मेदार हैं.”

राज्य के भाजपा अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि सोने की तस्करी मामले में जो जानकारी एनआईए और अन्य जांच एजेंसी ने मांगी थी वो सब जल गई है जिनका संबंध मंत्री केटी जलील के साथ है. राज्य सचिवालय के बाहर विरोध तेज होने के बाद, पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को मौके से खदेड़ने के लिए वाटर कैनन का इस्तेमाल किया.