विपक्षी दलों ने सर्जिकल स्ट्राइक्स का सबसे ज्यादा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को दिए जाने के रक्षा मंत्री मनोहर पर्रिकर के बयान की बुधवार को आलोचना करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर इसका इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के औजार के तौर पर करने का आरोप लगाया। कांग्रेस के प्रवक्ता संजय झा ने आईएएनएस से कहा, “रक्षा मंत्री का बयान भाजपा की तीखी जुबान का जबरदस्त उदाहरण है। वे दोहरी भाषा बोलते हैं।”

झा ने कहा, “मोदी कहेंगे कि इस मुद्दे पर किसी को छाती नहीं ठोकना चाहिए, जबकि उनके कैबिनेट मंत्री और कार्यकर्ता पोस्टर में उन्हें भगवान राम बताएंगे।” कांग्रेस ने भाजपा पर सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल आगामी उत्तर प्रदेश व पंजाब विधानसभा चुनावों में राजनीतिक फायदे के औजार के तौर पर करने का आरोप लगाया।

कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया, “स्पष्ट तौर पर, भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक का इस्तेमाल राजनीतिक औजार की तरह करने का प्रयास कर रही है और यह सेना की भावनाओं या सच्चाई से पूरी तरह सहमत नहीं है।” यह भी पढ़ें: क्या है सर्जिकल सट्राइक और कैसे इसको अंजाम दिया जाता है, समझे इस खबर में

कांग्रेस नेता की यह टिप्पणी मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान मनोहर पर्रिकर द्वारा सर्जिकल स्ट्राइक्स का सबसे ज्यादा श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को देने के बयान के बाद आई है।झा ने कहा, “ऑपरेशन जिंजर (2011 में) इस बात का सबूत है कि सर्जिकल स्ट्राइक्स अतीत में भी होते रहे हैं।”

कहा जाता है कि साल 2011 में भारतीय सेना द्वारा ऑपरेशन जिंजर नाम से किए गए सीमा पार ऑपरेशन में कम से कम आठ पाकिस्तानी सैनिक मारे गए थे, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे।

कांग्रेस के आरोपों के सुर में सुर मिलाते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) नेता डी.राजा ने आईएएनएस से कहा, “राजनीतिक फायदे के लिए भाजपा सर्जिकल स्ट्राइक्स का राजनीतिकरण कर रही है।”

भाकपा नेता ने कहा, “सेना की कार्रवाई का श्रेय किसी अन्य को क्यों लेना चाहिए? यह भारतीय सेना है न कि किसी राजनीतिक दल की सेना।” राजा ने कहा, “वे इसे राजनीतिक मुद्दा क्यों बना रहे हैं? यहां तक कि प्रधानमंत्री ने भी अपने नेताओं को सलाह दी है कि वे इसका राजनीतिकरण नहीं करें और अपनी छाती न ठोकें।”

पर्रिकर पर हमला करते हुए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) नेता मनोज झा ने कहा कि लगता है कि वह प्रधानमंत्री की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते। राजद नेता ने आईएएनएस से कहा, “मुझे लगता है कि पर्रिकर प्रधानमंत्री की बातों से इत्तेफाक नहीं रखते, क्योंकि मोदी जी ने अपने मंत्रियों व कार्यकर्ताओं को छाती ठोकने से बचने की सलाह दी है।”