नयी दिल्ली: लोकसभा अध्यक्ष के रूप में ओम बिरला के निर्वाचन के बाद कांग्रेस समेत विपक्षी दलों ने उनसे अपेक्षा जताई कि वह सदन में निष्पक्षता से कामकाज चलाने के साथ ही सभी दलों को समान अवसर प्रदान करेंगे. सदन में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि अध्यक्ष विपक्ष के भी संरक्षक हैं और हमें पूरा विश्वास है कि वह हमें संरक्षण प्रदान करेंगे.

चौधरी ने कहा कि बिरला एक समाजसेवी होने के साथ-साथ कृषि पेशे से भी जुड़े हैं. ऐसे में विश्वास है कि वह देश में किसानों की खराब हालत सुधारने में योगदान देंगे. उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी चर्चा (डिबेट), असहमति (डिसेंट) और निर्णय (डिसीजन) में विश्वास रखती है और हम आसन के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को विश्वास दिलाना चाहते हैं कि विपक्ष के नाते पूरा सहयोग देंगे. चौधरी ने नवनिर्वाचित अध्यक्ष से यह मांग भी की कि स्थाई समितियों के महत्व पर ध्यान दिया जाए और अत्यधिक अध्यादेश लाये जाने का रास्ता नहीं अपनाया जाए.

चौधरी ने सदन में मंगलवार को सदस्यों के शपथ लेते समय धार्मिक नारेबाजी की आलोचना करते हुये कहा कि समाज के सामाजिक ढांचे को मजबूत किए जाने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि जब मुल्ला को मस्जिद में राम नजर आयें, जब पुजारी को मंदिर में रहमान नजर आयें, दुनिया की सूरत बदल जायेगी, जब इंसान को इंसान में इंसान नजर आये. इस दौरान सदन में संप्रग अध्यक्ष सोनिया गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी उपस्थित थे.

चौधरी ने प्रधानमंत्री मोदी के हालिया बयान का जिक्र करते हुए कहा कि पक्ष, विपक्ष तो रहना चाहिए लेकिन आसन को निष्पक्ष रहना होगा. मोदी ने सत्रहवीं लोकसभा के प्रथम सत्र के पहले दिन संसद परिसर में संवाददाताओं से कहा था कि विपक्ष को संख्या की चिंता नहीं करनी चाहिए और उनका हर शब्द ‘मूल्यवान’ है. चौधरी ने कहा कि बिरला राजस्थान के कोटा से आते हैं जो कोचिंग संस्थानों के साथ ही कचौरी के लिए भी प्रसिद्ध है. चौधरी ने कहा कि विपक्ष को लोकसभा अध्यक्ष पर विश्वास है कि सदन में खिचड़ी न बनने पाए, इसलिए वह कचौरी का उपहार देंगे.

द्रमुक के टी आर बालू ने बिरला को बधाई देते हुए कहा कि वह आशा करते हैं कि सदन पूरी निष्पक्षता से संचालित होगा. तृणमूल कांग्रेस के सुदीप बंदोपाध्याय ने उम्मीद जताई कि नए स्पीकर सत्तापक्ष और विपक्ष दोनों को महत्व देंगे तथा स्थायी समितियों को दरकिनार नहीं करने देंगे. शिवसेना के अरविंद सावंत ने कहा कि बिरला के तौर पर एक बेहतरीन चयन हुआ है और उन्हें विश्वास है कि नए स्पीकर की अगुवाई में सदन सुचारू रूप से चलेगा.

जद(यू) के राजीव रंजन ने बिरला को बधाई दी और कहा कि उनकी पार्टी सदन को चलाने में सकारात्मक सहयोग देगी. बीजू जनता दल के पिनाकी मिश्रा ने कहा कि नए स्पीकर यह सुनिश्चित करें कि ज्यादा से ज्यादा विधेयकों को स्थायी समितियों के पास भेजा जाए. बसपा के श्याम सिंह यादव ने बिरला से आग्रह किया कि नए सदस्यों को पूरा मौका दिया जाए. नेशनल कांफ्रेंस के फारूक अब्दुल्ला ने उम्मीद जताई कि बिरला एक अभिभावक की तरह सदन का संचालन करेंगे. एआईएमआईएम के असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि स्पीकर को दोनों पक्षों को बराबर मौका देना चाहिए और स्थायी समितियों का महत्व सुनिश्चित करना चाहिए. कई अन्य नेताओं ने भी बिरला को बधाई दी.