नई दिल्ली: लोकसभा में भारी हंगामे के बीच ट्रांसजेंडर (अधिकार संरक्षण) विधेयक, 2016 को पारित किए जाने के बाद सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी गई. विपक्षी सदस्यों ने सदन में राफेल लड़ाकू विमान सौदे में संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) से जांच की मांग सहित अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में हंगामा जारी रखा, जिसके कारण कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी. Also Read - 30 सांसद कोरोना पॉजिटिव निकले, संसद के मानसून सत्र में हो सकती है कटौती: र‍िपोर्ट

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पहले सप्ताह की कार्यवाही हंगामे की भेट चढ़ जाने के बाद सदन में सोमवार को कुछ विधायी कार्य हुए और सदन को कांग्रेस, अन्नाद्रमुक और तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के सदस्यों के हंगामे के कारण तीन बार स्थगित करना पड़ा. इसस पहले दिन में मुस्लिम महिला (विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक 2018 निचले सदन में पेश किया गया, जिसे सामान्य रूप से तीन तलाक विधेयक के रूप में जाना जाता है. Also Read - सांसदों के लिए राहत की खबर, हमेशा के लिए बंद नहीं होगी सांसद निधि, लेकिन...

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जैसे ही ट्रांसजेंडर राइट्स विधेयक पारित हुआ, लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया. अन्नाद्रमुक सदस्यों ने कावेरी जल मुद्दे को लेकर हंगामा किया तो वहीं तेदेपा ने आंध्र प्रदेश को विशेष दर्जा देने की मांग की. कांग्रेस सदस्यों ने राफेल लड़ाकू सौदे में जेपीसी की मांग को लेकर हंगामा किया और सरकार पर मुद्दे को लेकर सर्वोच्च न्यायालय को गुमराह करने का आरोप लगाया.