नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव के नतीजे आने से पहले ईवीएम एवं वीवीपैट के मुद्दे पर कांग्रेस, सपा, बसपा, तृणमूल कांग्रेस सहित सभी प्रमुख विपक्षी दलों के 19 नेताओं की बैठक मंगलवार को यहां आरंभ हो गई, जिसमें ईवीएम से जुड़ी शिकायतों एवं वीवीपैट के मुद्दे पर चर्चा होगी. सूत्रों के मुताबिक, बैठक के बाद विपक्षी नेता चुनाव आयोग भी जाएंगे जहां वे वीवीपैट की पर्चियों का मिलान सुप्रीम कोर्ट के आदेश के मुताबिक करने एवं कई स्थानों पर स्ट्रांगरूम से ईवीएम के कथित स्थानांतरण से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की मांग करेंगे.

बैठक में ये नेता शामिल
इस बैठक में कांग्रेस से अहमद पटेल, अशोक गहलोत, गुलाम नबी आजाद और अभिषेक मनु सिंघवी, माकपा से सीताराम येचुरी, तृणमूल कांग्रेस से डेरेक ओब्रायन, तेदेपा से चंद्रबाबू नायडू, आम आदमी पार्टी से अरविंद केजरीवाल, सपा से रामगोपाल यादव, बसपा से सतीश चंद्र मिश्रा एवं दानिश अली, द्रमुक से कनिमोई, राजद से मनोज झा, राकांपा से प्रफुल्ल पटेल एवं माजिद मेमन और कई अन्य पार्टियों के नेता शामिल हुए.

ईवीएम स्थानांतरण की शिकायतों पर प्रभावी कदम उठाए चुनाव आयोग
कांग्रेस ने मंगलवार को कहा कि देश के कई हिस्सों में स्ट्रांगरूम से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतों पर चुनाव आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए. पार्टी के नेता राजीव शुक्ला ने यह भी कहा कि यह सुनिश्चित करना चुनाव आयोग का कर्तव्य है कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष हो.

स्ट्रांग रूम से ईवीएम को ले जाने की शिकायतें आ रही
शुक्‍ला ने कहा, ‘जगह जगह से ईवीएम स्थानांतरित किए जाने की शिकायतें आ रही हैं. उत्तर प्रदेश, बिहार, हरियाणा और पंजाब … कई जगहों पर स्ट्रांग रूम से ईवीएम को ले जाने की शिकायतें आ रही हैं. लोगों का संदेह बढ़ रहा है.’ शुक्ला ने कहा, ‘ चुनाव आयोग को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि चुनाव निष्पक्ष हों. आयोग को तत्काल प्रभावी कदम उठाना चाहिए.’ उन्होंने कहा कि आज विपक्षी दलों के नेता चुनाव आयोग से मिलेंगे और यह मामला उठाएंगे.

चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार होना चाहिए
एग्जिट पोल के सवाल पर शुक्ला ने कहा कि यह मनोरंजन की तरह है और इसे पार्टी गंभीरता से नहीं ले रही. ये असल नतीजे नहीं हैं. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी के चुनाव आयोग की तारीफ करने संबंधी बयान को लेकर शुक्ला ने कहा, ‘मुखर्जी ने तो यह भी कहा है कि चुनाव आयुक्त की नियुक्ति की प्रक्रिया पर विचार होना चाहिए. उनके इस बयान पर बात क्यों नहीं हो रही है?’