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नई दिल्ली, 17 दिसम्बर | लोकसभा में बुधवार को कांग्रेस नेतृत्व में विपक्षी पार्टियों ने क्रिसमस के दिन स्कूलों को खुला रखने के सरकार के कथित आदेश के मुद्दे को एक बार फिर उठाया और सरकार पर सदन को गुमराह करने का आरोप लगाया। शून्यकाल के दौरान इस मुद्दे को उठाते हुए कांग्रेस के के.सी.वेणुगोपाल ने कहा कि उन्होंने दो दिन पहले भी इस मुद्दे को उठाया था, लेकिन सरकार की प्रतिक्रिया गुमराह करने वाली थी। Also Read - Parliament Monsoon Session: समय से 8 दिन पहले ही आज खत्म हो सकता है संसद का मॉनसून सत्र, यह है वजह...

उन्होंने कहा, “केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री एम.वेंकैया नायडू ने सदन में कहा था कि कोई सर्कुलर जारी नहीं किया गया है।”  वेणुगोपाल ने कहा कि देश को गुमराह करने के लिए नायडू माफी मांगें।  उन्होंने कहा, “स्कूलों को वीडियो भेजने के लिए कहा गया था, ताकि पता चल सके कि सुशासन दिवस मनाया गया या नहीं। भला बिना स्कूल खोले वीडियो भेजना कैसे संभव हो सकता है।” Also Read - राज्य सभा से निलंबित सदस्यों के समर्थन में विपक्षी दल, लोकसभा की कार्यवाही का किया बहिष्कार

उन्होंने आरोप लगाया कि मानव संसाधन विकास मंत्रालय संघ परिवार के एजेंडे पर काम कर रहा है। वेणुगोपाल की टिप्पणी के जवाब में नायडू ने कहा कि कांग्रेस पार्टी का एजेंडा एक ‘परिवार’ के मुताबिक तय होता था। उन्होंने कहा, “लोगों को इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह एक संवेदनशील मुद्दा है। देश को गुमराह मत कीजिए।”

उन्होंने कहा, “क्रिसमस के प्रति कोई निरादर नहीं है। देश में अनावश्यक तनाव पैदा करने का प्रयास न करें।” इसके बाद, कांग्रेस सहित विपक्षी पार्टियों ने सदन का बहिर्गमन किया।