नई दिल्ली: कांग्रेस के सदस्यों ने बीपीसीएल के विनिवेश के सरकार के फैसले के खिलाफ और चुनावी बॉन्ड के मुद्दे को लेकर गुरुवार को संसद के दोनों सदनों लोकसभा और राज्यसभा में हंगामा किया. वहीं, वाम और कांग्रेस सदस्यों के हंगामे के कारण राज्यसभा की बैठक शुरू होने के कुछ ही देर बाद दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई.
लोकसभा में कार्यवाही शुरू होने के साथ ही लोकसभा में कांग्रेस के नेता अधीर रंजन चौधरी ने चुनावी बॉन्ड का मुद्दा उठाने की कोशिश की, लेकिन स्पीकर ओम बिरला ने इसकी अनुमति नहीं दी. कांग्रेस ने चुनावी बॉन्ड के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए कार्य स्थगन नोटिस दिया था.
बिरला ने प्रश्नकाल आरंभ किया. इस बीच, कांग्रेस के सदस्य नारेबाजी करते हुए आसन के निकट पहुंच गए. उन्होंने ‘चुनावी बॉन्ड का चंदा बंद करो’ और ‘बीपीसीएल को बेचना बंद करो’ के नारे लगाए.
Congress MP Manish Tewari in Lok Sabha: I want to draw the attention of the House towards electoral bonds. The electoral bond scheme was limited to elections. RTI in 2018 reveled that government overruled Reserve Bank of India on electoral bonds. pic.twitter.com/URRwEqOppc
— ANI (@ANI) November 21, 2019
लोकसभा अध्यक्ष ने कांग्रेस सदस्यों से अपनी जगह पर जाने की अपील करते हुए कहा कि सदन में युवा एवं खेल जैसे महत्वपूर्ण विषय पर चर्चा हो रही है, ऐसे में नारेबाजी नहीं करना चाहिए. इसके बाद कई सदस्यों ने कहा कि वह जो मुद्दा उठा रहे हैं वह भी महत्वपूर्ण है.
बिरला ने कहा कि आसन के समक्ष खड़े होकर आसन से बात नहीं करें. उन्होंने कहा कि जब कार्यस्थगन प्रस्ताव पर कोई निर्णय नहीं हुआ तो फिर आसन के निकट आकर नारेबाजी करना ठीक नहीं है.
अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि ऐसे महत्वपूर्ण मुद्दे आ जाते हैं कि उन्हें कार्य स्थगन प्रस्ताव देना पड़ता है और आसन का किसी तरह से अनादर करने की कांग्रेस सदस्यों की कोई मंशा नहीं है.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे साफ-सुथरी सरकार चला रहे हैं और इसमें भ्रष्टाचार की गुंजाइश नहीं है. शून्यकाल में मुद्दा उठाने का आश्वासन मिलने के बाद कांग्रेस सदस्य अपने स्थान पर चले गए और बिरला ने प्रश्नकाल को आगे बढ़ाया.
हंगामे की वजह से उच्च सदन में शून्यकाल नहीं हो पाया. सदन की बैठक शुरू होने पर सभापति एम वेंकैया नायडू ने आवश्यक दस्तावेज पटल पर रखवाए. इसके बाद उन्होंने बताया कि कांग्रेस के मोहम्मद अली खान, बी के हरिप्रसाद और वाम दलों के सदस्यों के के रागेश, इलामारम करीम तथा टी के रंगराजन आदि ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश तथा चुनावी बॉन्ड के मुद्दे पर आरबीआई की आपत्ति चर्चा करने के लिए कार्य स्थगन नोटिस दिए हैं.
सभापति ने कहा कि उन्होंने इन नोटिस को स्वीकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि इन नोटिस की वजह से कार्यस्थगन कर अन्य (मुद्दों) को प्राथमिकता नहीं दी जा सकती.
Lok Sabha Speaker Om Birla to Opposition MPs raising slogans in the House during Question Hour: It is our duty to maintain the dignity of the House. Please do not come to the well of the house. I have always given all a chance for debate and discussion. pic.twitter.com/1W2xcpxh8M
— ANI (@ANI) November 21, 2019
नायडू की इस बात पर कांग्रेस सदस्यों तथा वाम सदस्यों ने विरोध जाहिर किया और शून्यकाल स्थगित कर अपने अपने मुद्दों पर चर्चा के लिए जोर देने लगे.
कांग्रेस सदस्यों ने चुनावी बॉन्ड पर आरबीआई की आपत्ति और वाम दलों के सदस्यों ने सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विनिवेश पर चर्चा करने के लिए नोटिस दिए थे. सभापति ने चर्चा की मांग कर रहे सदस्यों से शून्यकाल चलने देने की अपील की और कांग्रेस की विप्लव ठाकुर से उनका शून्यकाल के लिए सूचीबद्ध मुद्दा उठाने को कहा.
इसी दौरान सदन में कांग्रेस के उप नेता आनंद शर्मा अपने स्थान से कुछ कहते नजर आए लेकिन हंगामे की वजह से उनकी बात सुनी नहीं जा सकी. नायडू ने सदस्यों से कहा कि अगर जरूरी विषय हो तो सदस्य उनके कक्ष में आ कर उनसे मिल सकते हैं. उन्होंने सदस्यों से शांत रहने और प्रश्नकाल चलने देने का अनुरोध किया, लेकिन हंगामा थमते न देख सभापति ने 11 बज कर करीब 10 मिनट पर ही बैठक दोपहर बारह बजे तक के लिए स्थगित कर दी.
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