जम्मू: विस्थापित कश्मीरी पंडितों के संगठन पनून कश्मीर ने रविवार को संसद के दोनों सदनों से नागरिकता संशोधन विधेयक के पारित होने का स्वागत करते हुए कहा कि संपूर्ण राष्ट्र पूरी तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ा है.

पनून कश्मीर के संयोजक अग्निशेखर ने यहां संवाददाताओं से कहा कि संसद द्वारा नागरिकता संशोधन विधेयक का पारित होना भारत के राजनैतिक सांस्कृतिक औपनिवेशिकता से पूर्ण रूप से अलग होने के संकल्प को दर्शाता है. राष्ट्रीय एकता के लिए भारतीय मानस का औपनिवेशिकता से अलग होना अत्यावश्यक है. अग्निशेखर ने कहा कि मोदी सरकार द्वारा पाकिस्तान, बांग्लादेश, और अफगानिस्तान में प्रताड़ित किये जा रहे हिन्दुओं को भारत की नागरिकता देने का फैसला औपनिवेशिक दासता के दौरान हिन्दुओं पर किये गए अत्याचार की सुध लेने का बहुत बड़ा निर्णय है.

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उन्होंने आरोप लगाया कि स्वतंत्रता प्राप्ति से लेकर अब तक भारत राज्य पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान में हिन्दुओं के नरसंहार पर मूकदर्शक बना रहा.