नई दिल्ली: सुरक्षित रेल के सफर के वादे पर ट्रांसजेंडर ही भारी पड़ रहे हैं. इनका खौफ रेलवे यात्र‍ियों पर काफी देखने में आ रहा. ट्रांसजेंडर रेल यात्रियों से जबरन पैसे वसूली की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और यहां तक कि लोगों से मारपीट भी कर रहे हैं. रेल मंत्रालय ने आरटीआई के तहत पूछे गए एक सवाल के जबाव में कहा है कि पिछले चार वर्षों में रेल यात्रियों से जबरन पैसे वसूली को लेकर 73,000 से अधिक, यानि हर दिन औसतन 50 ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया. सिर्फ पिछले साल ही 20,000 से ज्यादा ट्रांसजेंडरों को गिरफ्तार किया गया.

अधिकारियों ने कहा कि यात्री अक्सर चलती ट्रेनों में ट्रांसजेंडरों द्वारा परेशान किए जाने और जबरन पैसे वसूली करने को लेकर शिकायत करते हैं. ट्रांसजेंडरों को पैसे देने से मना करने की नौबत में शारीरिक उत्पीड़न का भी मामला सामने आया है.

रेल मंत्रालय ने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ऐसी घटनाओं की जाँच के लिए नियमित रूप से विशेष अभियान चला रहा है. आरटीआई के तहत पूछे गए सवाल के जवाब में, रेल मंत्रालय ने कहा कि 2015 से इस साल जनवरी तक यात्रियों से पैसे की उगाही करने के आरोप में कुल 73,837 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए. इसमें कहा गया कि 2015 में कुल 13,546, 2016 में 19,800, 2017 में 18,526 और 2018 में 20,566 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए. मंत्रालय ने कहा कि इस साल जनवरी में 1,399 ट्रांसजेंडर गिरफ्तार किए गए.

रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था का मामला राज्य के अंतर्गत आने के नाते, चलती रेलगाड़ियों के साथ-साथ रेलवे परिसर में अपराध की रोकथाम, मामलों को दर्ज करना, उनकी जांच और कानून-व्यवस्था बनाए रखना राज्य सरकारों की वैधानिक जिम्मेदारी हैं, जिनका वे राजकीय रेल पुलिस (जीआरपी) के माध्यम से पूरा करते हैं.

भारतीय रेलवे दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेल नेटवर्क है, जो लगभग 65,000 किलोमीटर को कवर करता है, जिसके अंतर्गत 8,000 से अधिक स्टेशन आते हैं और हर दिन करीब 19,000 रेलगाड़ियां चलती हैं.