Oxford-AstraZeneca COVID-19 vaccine: ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी द्वारा विकसित कोरोना वायरस की वैक्सीन का भारत में अंतिम चरण का ट्रायल शुरू होने वाला है. इस के लिए पांच जगहों का चुनाव किया गया है. इस बारे में डिपार्टमेंट ऑफ बायोटेक की सचिव रेणु स्वरूप ने बताया कि ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका द्वारा विकसित कोविड-19 के टीके के तीसरे और मानव पर अंतिम चरण के परीक्षण के लिए देश भर में पांच स्थानों पर तैयारी पूरी कर ली गई है. Also Read - मनदीप सिंह COVID-19 से संक्रमित होने वाले छठे भारतीय हॉकी खिलाड़ी बने, बेंगलुरू में चल रहा इलाज

स्वरूप ने कहा कि यह एक आवश्यक कदम है क्योंकि भारतीयों को टीका लगाने से पहले देश के भीतर आंकड़े उपलब्ध होना आवश्यक है. Also Read - Coronavirus Cases In India: देश में शुरू हुआ कोरोना का सबसे बुरा दौर, 24 घंटे में 1000 से अधिक लोगों की मौत

ऑक्सफोर्ड और इसके साझेदार एस्ट्राजेनेका ने टीके के तैयार हो जाने के बाद विश्व के सबसे बड़े टीका निर्माता ‘द सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (सीआईआई) को इसके उत्पादन के लिए चुना है. पहले दो चरणों के परीक्षण नतीजे इस महीने की शुरुआत में ही प्रकाशित हुए थे. Also Read - IPL 2020 : ब्रेट ली ने IPL में खेलने वाले क्रिकेटर्स को UAE में प्ले कार्ड खेलने और गिटार सीखने की क्यों दी सलाह, जानिए वजह

स्वरूप के मुताबिक, डीबीटी भारत में किसी भी कोविड-19 टीके के लिये किये जाने वाले प्रयासों का हिस्सा है, ‘चाहे वह आर्थिक सहायता हो, चाहे विनियामक मंजूरी की सुविधा हो अथवा उन्हें देश के भीतर मौजूद विभिन्न नेटवर्क तक पहुंच प्रदान करना हो.’

उन्होंने पीटीआई-भाषा से एक साक्षात्कार में कहा, ‘ अब डीबीटी तीसरे चरण के लिये क्लीनिकल स्थल तैयार कर रहा है. हमने इस पर पहले ही काम शुरू कर दिया है और तीसरे चरण के परीक्षण के लिए पांच स्थान उपयोग के लिए तैयार हैं.’

पुणे स्थित सीआईआई ने संभावित टीके के दूसरे और तीसरे चरण के मानव पर क्लीनिकल परीक्षण के संचालन के लिए भारतीय औषधि नियामक से अनुमति मांगी है.

डीबीटी सचिव ने कहा, ‘ डीबीटी प्रत्येक निर्माता के साथ काम कर रहा है और सीरम (संस्थान) का तीसरा परीक्षण महत्वपूर्ण है क्योंकि अगर टीका सफलत होता है और यह भारत के लोगों को दिया जाएगा तो हमारे पास देश के भीतर के आंकड़े उपलब्ध होने चाहिए.’

उन्होंने कहा, ‘ इसके लिए तीसरे चरण का परीक्षण प्रस्तावित किया गया है. पांच स्थल तैयार हैं. ये निर्माताओं के लिए तैयार होने चाहिए ताकि वे क्लीनिकल परीक्षण के वास्ते इनका उपयोग कर सकें.’

इससे पहले, 20 जुलाई को वैज्ञानिकों ने घोषणा की थी कि ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय द्वारा विकसित कोविड-19 टीका सुरक्षित जान पड़ता है और परीक्षण के दौरान इसके कारगर नतीजे सामने आए.