नई दिल्ली: देश भर में पिछले कई दिनों से नागरिकता विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन जारी है. इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ पेशेवर लोग भी शामिल हैं. इन सब मामलों को देखते हुए कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी चिदंबरम ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संशोधित नागरिकता कानून (सीएए) पर अपने आलोचकों से बात नहीं करते. पूर्व गृहमंत्री ने यह भी कहा कि मोदी को अपने कुछ प्रमुख आलोचकों के सवालों का जवाब देने चाहिए ताकि लोग इस कानून को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंच सकें.

उन्होंने ट्वीट किया, ‘प्रधानमंत्री कहते हैं कि सीएए नागरिकता लेने के लिए नहीं, बल्कि देने के लिए है. बहुत लोगों का मानना है कि सीएए एनपीआर और एनआरसी से जुड़ा हुआ है तथा यह बहुत लोगों को गैर नागरिक घोषित कर देगा और उनकी नागरिकता छीन लेगा.’

जामिया छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई राष्ट्र पर धब्बा, भेदभावपूर्ण है CAA: थरूर

Delhi Traffic Advisory: नोएडा से दिल्ली को जोड़ने वाली यह सड़क है बंद, आसानी से पहुंचने के लिए अपनाएं ये रूट

चिदंबरम ने आरोप लगाया, ‘प्रधानमंत्री अपने आलोचकों से बात नहीं कर रहे हैं. आलोचकों के पास प्रधानमंत्री से बात करने का अवसर नहीं है.’ उन्होंने कहा, “एक ही तरीका है कि प्रधानमंत्री अपने सबसे पांच मजबूत आलोचकों का चयन करें और टेलीविजन पर सवाल-जवाब हो. लोगों को चर्चा सुनने दें और सीएए पर निष्कर्ष तक पहुंचने दें.”