नई दिल्ली: पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने जेल में घर का बना भोजन दिए जाने की मांग को लेकर मंगलवार को अदालत का दरवाजा खटखटाया. इसके लिए चिदंबरम ने अदालत में याचिका दायर कर घर के खाने की इजाजत मांगी है. चिदंबरम ने अपने स्वास्थ्य का हवाला देते हुए कोर्ट से घर का खाना दिए जाने की अपील की है.

बता दें कि 3 अक्टूबर को चिदंबरम की न्यायिक हिरासत खत्म हो रही है, लिहाजा 3 अक्टूबर को उनकी अर्जी पर सुनवाई होगी. पूर्व वित्तमंत्री चिदंबरम आईएनएक्स मीडिया मामले में 5 सितंबर से तिहाड़ जेल में बंद हैं.

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सोमवार को ही अदालत ने चिदंबरम की जमानत याचिका खारिज की थी. जस्टिस सुरेश कुमार कैत ने इस आधार पर जमानत खारिज कर दी कि आरोपी अधिवक्ताओं से संबंधित बार के सदस्य होने के साथ ही एक सांसद भी हैं और उनकी ओर से गवाहों को प्रभावित किए जाने की संभावना है.

बता दें कि इस मामले में सीबीआई ने 15 मई 2017 को एक प्राथमिकी दर्ज की थी. सीबीआई ने आरोप लगाया था कि चिदंबरम के वित्त मंत्री रहने के दौरान 2007 में आईएनएक्स मीडिया समूह को 305 करोड़ रुपये के विदेशी निवेश हासिल करने के लिए एफआईपीबी की मंजूरी देने में अनियमितता की गई.

इसके बाद प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस संदर्भ में 2017 में धनशोधन का एक मामला दर्ज किया था. जिसके बाद चिदंबरम को यहां उनके जोर बाग स्थित घर से 21 अगस्त को गिरफ्तार किया गया था और वह तीन अक्तूबर तक न्यायिक हिरासत में तिहाड़ जेल में हैं.